वाराणसी के चर्चित मणिकर्णिका घाट पर दाह संस्कार में शामिल होने आए लोगों के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने के मामले में थाना चौक पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज प्रकरण में लंबे समय से वांछित चल रहे एक मुख्य अभियुक्त को धर दबोचा है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस द्वारा इन दिनों अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त काशी जोन के मार्गदर्शन, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) दशाश्वमेध के निर्देशन और थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई पूरी की।
मुखबिर की सूचना पर गंगा महल घाट के पास से दबोचा
थाना चौक पुलिस को अपनी खुफिया तंत्र और मुखबिर के जरिए वांछित आरोपी की गतिविधि की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 27 अक्टूबर 2026 को गंगा महल घाट के नजदीक से आरोपी को घेरकर दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान शनि चौधरी उर्फ मोदी (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नरेन्द्र चौधरी का पुत्र है और डी 3/58 मीरघाट, दशाश्वमेध थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है।
पहले भी आठ आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
इस गंभीर मामले की शुरुआत 10 अक्टूबर 2026 को थाने में दिए गए पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र से हुई थी। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना चौक में मु0अ0सं0 163/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(3), 109(1), 191(2) और 191(3) के तहत अभियोग पंजीकृत किया था। घटना के खुलाسه और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने पहले भी ताबड़तोड़ दबिश दी थी, जिसके परिणामस्वरूप इस घटना में शामिल अन्य 8 अभियुक्तों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। अब नौवें वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया को पूरा कर रही है।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
इस वांछित अभियुक्त को पकड़ने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला, ब्रह्मनाल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक हिमांशु मिश्रा, रिजर्व कांस्टेबल सत्यम मिश्रा, कांस्टेबल पारुल कुमार और रिजर्व कांस्टेबल किशन शर्मा शामिल रहे।