दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान नियमों की अनदेखी पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के कुड़वार कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाना दो संचालकों को महंगा पड़ गया। पुलिस की बार-बार चेतावनी और समझाने के बावजूद आवाज निर्धारित मानकों के अनुसार कम न करने पर दोनों डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई से इलाके में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के बीच कड़ा संदेश गया है।
प्रशासनिक चेतावनी को किया नजरअंदाज
घटना 18 अक्टूबर की है जब कुड़वार कस्बे में त्योहार के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपनिरीक्षक अम्बरीश कुमार पाठक अपनी पुलिस टीम के साथ डयूटी पर तैनात थे। इस दौरान कुड़वार से अलीगंज मोड़ की ओर निकाले जा रहे दुर्गा प्रतिमाओं के जुलूस में दो अलग-अलग डीजे बेहद तेज आवाज में बजाए जा रहे थे। स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों ने पुलिस को शिकायत दी कि डीजे की कर्कश और अत्यधिक तेज आवाज से लोगों को सांस लेने में कठिनाई और दिल की धड़कन बढ़ने जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा, एंबुलेंस से आवाजाही करने वाले मरीजों के तीमारदारों ने भी गंभीर असुविधा की बात कही थी।
मौके पर वीडियोग्राफी और साक्ष्य संकलन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों डीजे संचालकों को आवाज धीमी करने के सख्त निर्देश दिए और उन्हें ध्वनि प्रदूषण से जुड़े कानूनी प्रावधानों व नियमों से अवगत कराया। हालांकि, आरोप है कि पुलिस के निर्देश के बाद भी संचालकों ने डीजे की आवाज कम नहीं की। इस असहयोग पर पुलिस ने कार्रवाई के पुख्ता साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर ही डीजे वाहनों और उपकरणों की फोटो व वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर ली।
संसबंधित धाराओं में मुकदमा और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में कुड़वार कस्बा निवासी सूरज कुमार मोदनवाल (राजकोट डीजे के संचालक) और महुली, प्रतापगढ़ निवासी महेश (महेश डीजे के संचालक) के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी जांच उपनिरीक्षक रणजीत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।