अतीत की यादों और अकेलेपन की दास्तां ने दर्शकों को किया भावुक, कलाकारों के अभिनय को सराहा गया
पत्नी से बिछड़ने का दर्द, अतीत की धुंधली होती यादें और अकेलेपन के साये में जीवन बिता रहे एक बुजुर्ग की मानसिक स्थिति सोमवार को शिमला के प्रतिष्ठित गेयटी थिएटर के मंच पर पूरी जीवंतता के साथ नजर आई। प्रसिद्ध कथाकार निर्मल वर्मा की चर्चित कहानी पर आधारित नाटक ‘डेढ़ इंच ऊपर’ के मंचन ने दर्शकों को मानवीय रिश्तों की पेचीदगियों और जीवन के गहरे भावनात्मक संकटों से रूबरू कराया। मंच पर कलाकारों की सधी हुई अदायगी, भावपूर्ण संगीत और दृश्य के अनुकूल प्रकाश योजना ने इस प्रस्तुति को बेहद प्रभावशाली बना दिया।
यह नाटकीय प्रस्तुति चतुर्थ पद्मश्री कलाऋषि बाबा योगेन्द्र बहुभाषीय नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण रही। नई दिल्ली की संस्था आर्ट्स न्यू वे ऑर्गेनाइजेशन के बैनर तले इस नाटक का मंचन किया गया, जिसका कुशल निर्देशन कुलदीप वशिष्ठ ने संभाला था। कहानी के केंद्र में एक ऐसा बुजुर्ग पात्र है, जो अपनी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद उत्पन्न हुए हालातों के चलते उससे बिछड़ चुका है और अब एकदम तन्हा जिंदगी जी रहा है।
नाटक के कथानक के अनुसार, मुख्य पात्र एक बीयर बार में बैठे एक बिल्कुल अनजान व्यक्ति से अपनी जिंदगी के पन्ने खोलता है। इसी बातचीत के सिलसिले में वह अपने अतीत के संस्मरण, पत्नी से जुड़ी गहरी यादें और जीवन के विभिन्न मोर्चों पर झेले गए मानसिक संताप को साझा करता है। मंच पर स्मृतियों के भारी बोझ और समाज से कटे हुए अकेलेपन के बीच हांफते हुए एक इंसान की अंतर्वेदना को बेहद संवेदनशील और मर्मस्पर्शी ढंग से चित्रित किया गया।
नाटक के मुख्य किरदार में केशव आर्या ने अपनी अभिनय क्षमता का बेहतरीन परिचय देते हुए शुरुआती दृश्य से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखा। उनके अलावा निर्भय कर्तव्य, लक्षिका, रितिश छाबड़ा और वीना बंसल जैसे कलाकारों ने भी अपने-अपने हिस्सों में सहयोग करते हुए किरदारों को प्रभावी रूप से पर्दे पर उतारा। मुकेश झा द्वारा तैयार किया गया पृष्ठभूमि संगीत इस प्रस्तुति के भावनात्मक वजन को और अधिक प्रखर करने में मददगार साबित हुआ। दूसरी ओर, अशोक जी की प्रकाश व्यवस्था ने हर एक दृश्य के मूड और उसके प्रभाव को दर्शकों के दिल तक उतारने में अहम भूमिका निभाई। इस पूरी प्रस्तुति को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में रिजवान रजा ने प्रस्तुति नियंत्रक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
आयोजकों के अनुसार, पांच दिनों तक चलने वाले इस बहुभाषीय नाट्य महोत्सव का आयोजन अपस्टेज आर्ट ग्रुप, दिल्ली द्वारा किया जा रहा है। इस वृहद आयोजन में संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार), राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव (एनएसडी दिल्ली) और गेयटी थिएटर की संयुक्त सहभागिता रही है। महोत्सव की श्रृंखला में अगला यानी तीसरा दिन मंगलवार, 20 अक्टूबर का होगा, जिसमें ‘लोक नायिका (नाचनी)’ नामक नाटक का मंचन तय किया गया है। भानु भारती द्वारा लिखित इस आगामी नाटक का निर्देशन मधुर भाटिया करेंगे, जबकि इसके सेट और अन्य डिजाइनिंग का जिम्मा डॉ. मनीष जोशी संभालेंगे। इस प्रस्तुति में मुख्य अभिनय डॉ. राखी जोशी का होगा और इसे भोपाल की कलाधनिका नृत्य नाट्य संस्था समिति के कलाकारों द्वारा मंच पर उतारा जाएगा। गेयटी थिएटर में रोजाना शाम को पांच बजे से इन नाट्य प्रस्तुतियों का सिलसिला चल रहा है, जिसके माध्यम से देश की गंभीर साहित्यिक कृतियों, विविध रंगमंचीय परंपराओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को कला के जरिए आम जनता तक पहुंचाया जा रहा है।