कोटद्वार के निम्बूचौड़ में पैरा रेजिमेंट के पूर्व सैनिक जयमल रावत ने शुरू की मिल्क डेयरी, स्थानीय स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निम्बूचौड़ में पूर्व सैनिकों की ओर से स्वरोजगार की दिशा में एक और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। पैरा रेजिमेंट के पूर्व सैनिक जयमल रावत ने निम्बूचौड़ में एक नई मिल्क डेयरी का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया है। इस व्यावसायिक शुरुआत से न केवल स्थानीय स्तर पर दूध और डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुगम होगी, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों के घरेलू उत्पादों को एक बेहतर बाजार मिलने की दिशा में भी यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत और उत्तराखंड की परिकल्पना को बल
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद समाज में नए आयाम स्थापित करने वाले पूर्व सैनिकों की यह पहल युवाओं के लिए एक मजबूत उदाहरण पेश कर रही है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के छोटे और मध्यम उद्योग 'आत्मनिर्भर भारत' और 'आत्मनिर्भर उत्तराखंड' के विजन को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन जुटाने के लिहाज से यह पहल काफी महत्वपूर्ण है।
शुभारंभ अवसर पर गणमान्य लोग रहे मौजूद
डेयरी के इस उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और परिजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर गोपाल सिंह नेगी, अनसूया प्रसाद सेमवाल, धीरज सिंह, भोपाल सिंह और गजेन्द्र सिंह समेत कई अन्य लोग विशेष रूप से मौजूद रहे और उन्होंने नवनिर्मित व्यवसाय के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
पूर्व सैनिक संगठन, कोटद्वार की ओर से दी गई बधाई
पूर्व सैनिक संगठन, कोटद्वार ने इस नए व्यावसायिक सफर की सफलता की कामना की है। संगठन की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद अब समाज के विकास में पूर्व सैनिकों का यह योगदान सराहनीय है। संगठन ने जयमल रावत के उज्ज्वल भविष्य और उनके इस नए व्यवसाय की सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं साधुवाद प्रेषित किया है।