वाराणसी में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित एयर शो को लेकर गंगा के उस पार चंदौली जिले की सीमा में प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का व्यापक खाका तैयार किया है। आसमान में होने वाले भारतीय वायु सेना के करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के जुटने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
वाराणसी में आगामी 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयर शो का आयोजन निर्धारित है। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए चंदौली जिले के गंगा किनारे वाले इलाकों में 10 से 15 लाख तक लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इतनी बड़ी संख्या में संभावित भीड़ और यातायात के दबाव को संभालना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है।
1800 सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा
संभावित भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 1800 पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए 66 इंस्पेक्टर और 225 सब इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) की दो कंपनियों को भी लगाया गया है।
मेले और शो के दौरान असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए 50 पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में तैनात रहेंगे। वहीं, महिला दर्शकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 50 महिला पुलिसकर्मियों और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 60 यातायात कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस बल के सहयोग के लिए 250 होमगार्ड भी मुस्तैद रहेंगे।
घाटों का विभाजन और आवाजाही के लिए मार्ग
गंगा किनारे जुटने वाली भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने खास योजना बनाई है। सुरक्षा और प्रबंधन की दृष्टि से गंगा किनारे के घाटों को कुल 10 अलग-अलग ब्लॉकों में बांटा गया है, ताकि हर हिस्से पर प्रशासनिक नजर रखी जा सके। इसके अलावा, दर्शकों की सुरक्षित आवाजाही और भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए पांच प्रमुख प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनके जरिए ही लोग तयशुदा रास्तों से आ-जा सकेंगे।
होटलों में नो-रूम और छतों की बुकिंग का दौर
एयर शो को लेकर लोगों में ऐसा उत्साह है कि चंदौली के पड़ाव और वाराणसी सीमा से सटे रामनगर इलाके के होटल पहले ही फुल हो चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पड़ाव के तीन और रामनगर के चार प्रमुख होटलों में 22 से 25 अक्टूबर तक एक भी कमरा खाली नहीं बचा है।
होटल के कमरे न मिलने पर लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी शुरू कर दी है। डोमरी गांव में गंगा किनारे बने स्थानीय ग्रामीणों के घरों की छतों से एयर शो का साफ नजारा देखने के लिए लोग अभी से संपर्क कर रहे हैं और छतों की एडवांस बुकिंग कराने में जुटे हैं। अब प्रशासनिक अमले और आम नागरिकों की निगाहें आगामी 22 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब यह महाआयोजन अपने पूरे रोमांच के साथ शुरू होगा।