उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी और अन्य सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इस आपदा की घड़ी में आम जनता की सुधि लेने के लिए प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि मैदानी स्तर पर उतर चुके हैं। इसी क्रम में, प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने गुरुवार देर शाम शहर के संवेदनशील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों जैसे शैलपुत्री और सरैया का औचक दौरा किया। उन्होंने न केवल जमीनी हालात का जायजा लिया, बल्कि संकट की इस घड़ी में लोगों का ढांढस भी बंधाया।
शैलपुत्री और सरैया क्षेत्र में पहुंचे मंत्री, जाना पीड़ितों का हाल
गुरुवार देर शाम जब अंधेरा गहरा रहा था, तब मंत्री रविन्द्र जायसवाल सीधे बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में पहुंच गए। उन्होंने शैलपुत्री और सरैया क्षेत्र की गलियों और राहत शिविरों का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पानी से घिरे घरों और राहत शिविरों में शरण लिए हुए परिवारों से आमने-सामने बातचीत की। मंत्री ने हर एक परिवार के पास जाकर उनके स्वास्थ्य, खान-पान और अन्य दैनिक आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
बाढ़ के पानी के कारण जिन लोगों के आशियाने प्रभावित हुए हैं और जो लोग सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए शिविरों में रहने को मजबूर हैं, उनके चेहरों पर निराशा का भाव था। ऐसे में एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के रूप में मंत्री का वहां पहुंचना पीड़ितों के लिए एक बड़ा संबल साबित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याओं खुलकर मंत्री के सामने रखीं, जिस पर उन्होंने तुरंत एक्शन लेने का भरोसा दिलाया।
राहत शिविरों में बांटी गई खाद्य सामग्री और फूड पैकेट्स
निरीक्षण के दौरान मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने अपने हाथों से राहत शिविरों में रह रहे जरूरतमंद परिवारों के बीच फूड पैकेट्स और आवश्यक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया। बाढ़ के समय सबसे बड़ी समस्या भोजन और शुद्ध पेयजल की होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
- बाढ़ पीड़ितों को सूखा राशन और तैयार भोजन के पैकेट बांटे गए।
- शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- चिकित्सकीय टीमों को शिविरों में तैनात रहने को कहा गया।
- जरूरतमंदों को अन्य आवश्यक वस्तुएं प्राथमिकता पर दी गईं।
मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा के इस दौर में किसी भी नागरिक को भूखा न रहना पड़े और न ही बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़े।
बच्चों से मिले मंत्री, बांटी चॉकलेट और दी पढ़ाई की सीख
इस दौरे का सबसे भावुक क्षण वह था जब मंत्री रविन्द्र जायसवाल राहत शिविरों में रह रहे छोटे-छोटे बच्चों से मुखातिब हुए। प्राकृतिक आपदा के इस खौफनाक माहौल से बेखबर मासूमों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए मंत्री ने उनसे प्यार से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट, बिस्किट और अन्य सामग्रियां उपहार स्वरूप दीं।
मासूम बच्चों को दुलारते हुए उन्होंने न केवल उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई से नाता नहीं तोड़ना है। उन्होंने बच्चों से कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें और इस मुश्किल समय में अपने परिजनों के साथ सुरक्षित रहें। बच्चों के साथ मंत्री का यह सहृदय व्यवहार वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर एक पल के लिए मुस्कान ले आया।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
राहत शिविरों और निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर हीला-हवाली पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
"आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रशासन और संबंधित विभागों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।" - रविन्द्र जायसवाल, राज्य मंत्री
मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि शिविरों में रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, पर्याप्त रोशनी और चिकित्सा सुविधाओं का नियमित जायजा लिया जाए ताकि संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा न रहे।
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस पूरे दौरे और राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे। नायब तहसीलदार प्रीति पांडेय ने मंत्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों का ब्योरा दिया। इसके अलावा पार्षद अशोक कुमार मौर्या, पार्षद जितेंद्र कुशवाहा, मंडल अध्यक्ष दिलीप चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह, रतन कुमार मौर्या, कमलेश सोनकर, शंभु पटेल, और मनोज जायसवाल सहित तमाम कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत और बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेंगे। वाराणसी प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम निरंतर चल रहा है।