धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के तेवर अब धीरे-धीरे ढीले पड़ने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से उफनाई गंगा के जलस्तर में शनिवार की सुबह से तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आंकड़ों के मुताबिक, नदी का पानी तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे आ रहा है, जिससे बाढ़ की विभीषिका झेल रहे स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि, खतरे के बादल अभी पूरी तरह छंटे नहीं हैं और कई तटवर्ती इलाके अब भी जलमग्न बने हुए हैं।
राजघाट पर दर्ज हुआ 70.37 मीटर जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज स्टेशन पर शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 70.37 मीटर रिकॉर्ड किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पानी घटने की यह रफ्तार लगातार बनी हुई है। हालांकि, राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर निर्धारित है, जिसके मुकाबले मौजूदा जलस्तर अभी भी करीब 10.8 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा है। गनीमत यह है कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान (71.262 मीटर) से लगभग 89.2 सेंटीमीटर नीचे है, जिससे किसी बड़े खतरे की आशंका फिलहाल टल गई है.
तटवर्ती इलाकों और गलियों में अभी भी भरा है पानी
भले ही गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही हो, लेकिन जमीनी हालात सुधरने में अभी वक्त लगेगा। नमो घाट से लेकर सामने घाट तक के इलाके अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। इसके अलावा, वरुणा नदी में पलट प्रवाह (बैकवाटर) के कारण शहर के कई रिहायशी इलाकों, घरों और तंग गलियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पानी के घरों में घुसने के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हुए दर्जनों परिवार
बाढ़ के पानी के घरों में भरने के बाद दर्जनों परिवारों के सैकड़ों लोगों को अपने आशियाने छोड़ने पड़े हैं। ये लोग सुरक्षित स्थानों और प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हुए हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से इन शिविरों में खाने-पीने, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी जरूरतों के मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं, ताकि विस्थापितों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासनिक अमला लगातार राहत और बचाव कार्यों में मुस्तैदी से जुटा हुआ है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लेंगे हालात का जायजा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कमान संभाले हुए हैं। शनिवार शाम को सीएम योगी वाराणसी पहुंचेंगे और हवाई सर्वेक्षण के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे। इसके साथ ही, उनके राहत शिविरों का निरीक्षण करने और वहां रह रहे लोगों से मिलकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने का भी कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से प्रशासन और राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.
प्रशासन की अपील: सतर्कता बरतना अभी भी जरूरी
- तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोग अभी पूरी तरह निश्चिंत न हों।
- जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर बनाए रखें।
- प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और अनावश्यक रूप से पानी वाले क्षेत्रों में न जाएं।
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
जलस्तर में लगातार आ रही गिरावट इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में स्थिति तेजी से सामान्य होगी। हालांकि, जब तक पानी पूरी तरह से चेतावनी बिंदु के नीचे नहीं आ जाता, तब तक प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को ही पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। वाराणसी प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है।