उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब काशी के कई इलाके गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण गंभीर बाढ़ की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य न केवल जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेना है, बल्कि आपदा से जूझ रहे आम नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाना भी है। अपने व्यस्त कार्यक्रम के तहत सीएम योगी हवाई सर्वेक्षण करने के साथ-साथ राहत शिविरों का दौरा करेंगे और अंत में बाबा विश्वनाथ व कालभैरव का आशीर्वाद लेंगे।
हवाई सर्वेक्षण से होगी शुरुआत, जलस्तर का लेंगे जायजा
निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम के वक्त आजमगढ़ से अपने तयशुदा सफर के बाद सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए वाराणसी पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचेंगे। हालांकि, पुलिस लाइन उतरने से ठीक पहले उनका हेलीकॉप्टर गंगा और वरुणा नदियों के उफान से घिरे इलाकों के ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान वह आसमान से ही बाढ़ की विभीषणता और उसके प्रभावों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, हवाई सर्वेक्षण के जरिए मुख्यमंत्री यह देखना चाहते हैं कि पानी का फैलाव किन-किन बस्तियों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच चुका है ताकि राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होगी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
वाराणसी पुलिस लाइन स्थित सेफ हाउस में उतरने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा पुलिस और प्रशासनिक महकमे के बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। लगभग 20 मिनट तक चलने वाली इस संक्षिप्त लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बैठक में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, जलस्तर घटने या बढ़ने के ट्रेंड, और अब तक चलाए गए राहत अभियानों की समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री इस बैठक में स्पष्ट निर्देश दे सकते हैं कि बाढ़ प्रभावित बस्तियों में नौका संचालन, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा शिविर और स्वच्छता के इंतजामों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। साथ ही, जल जनित बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद रखने के आदेश दिए जाने की पूरी संभावना है।
सलारपुर राहत शिविर का करेंगे औचक निरीक्षण, पीड़ितों से करेंगे संवाद
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज की ओर कूच करेगा, जहां जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ा राहत शिविर स्थापित किया गया है। इस शिविर में इस वक्त गंगा और वरुणा की बाढ़ से बेघर हुए लगभग 40 परिवार शरण लिए हुए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, इस राहत शिविर में कुल 160 से अधिक लोग अपनी जिंदगी के कठिन दिनों को गुजार रहे हैं। इनमें 65 पुरुष, 60 महिलाएं, 34 बच्चे और 6 बुजुर्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन सभी पीड़ितों से सीधे संवाद करेंगे। वह शिविर में मिलने वाली सुविधाओं, खाने-पीने की गुणवत्ता, बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था और चिकित्सीय जांच का फीडबैक खुद पीड़ितों से ही लेंगे।
आपदा राहत किट का होगा वितरण
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री राहत शिविर में रह रहे परिवारों को अपने हाथों से 'आपदा राहत किट' वितरित करेंगे। इन किटों में सूखा राशन, जरूरी मसाले, तेल, मोमबत्ती, माचिस, ओआरएस के घोल और अन्य दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री शामिल होती है, ताकि आपदा के इस दौर में इन परिवारों को बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष न करना पड़े।
आध्यात्मिक केंद्र काशी में लगाएंगे हाजिरी, करेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन
राहत और प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले को पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आस्था का केंद्र बिंदु काशी के प्राचीन मंदिरों की ओर मुड़ेगा। राहत शिविर के निरीक्षण के बाद उनका काफिला सबसे पहले न्याय के देवता कहे जाने वाले भगवान कालभैरव के दरबार में पहुंचेगा। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद वह विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और जनता को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने की प्रार्थना करेंगे। काशी के मंदिरों में उनका यह दर्शन-पूजन कार्यक्रम हमेशा से ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है।
शाम को लखनऊ के लिए होगी वापसी
काशी के मंदिरों में दर्शन-पूजन संपन्न करने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, शाम करीब 7:30 बजे वह हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए उड़ान भरेंगे।
वाराणसी में मुख्यमंत्री के इस त्वरित और सघन दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। हर मोर्चे पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है ताकि वीआईपी मूवमेंट के साथ-साथ राहत कार्य भी सुचारू रूप से चलते रहें।