वाराणसी: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से एक बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के एक चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को राहत दी है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी अभिषेक चौहान की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
अदालत ने प्रेमचंद्र नगर कॉलोनी (थाना लालपुर-पांडेयपुर) निवासी आरोपित अभिषेक चौहान को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें और समान राशि का बंधपत्र (Personal Bond) दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का स्पष्ट आदेश दिया है।
महिला ने लगाए थे गंभीर आरोप
मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई कहानी के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसके पति के दो दोस्त अक्सर उनके घर आते-जाते रहते थे। आरोप के मुताबिक, आरोपियों ने पति को शराब पिलाकर बेधुंध कर दिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद महिला के साथ जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया था कि:
- घटना के वक्त आरोपियों ने आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था।
- शिकायत करने या विरोध करने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी गई।
- स्थानीय पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल का भी सहारा लिया था।
अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें और साक्ष्य
अदालत में आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह एवं मनोज गुप्ता ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने कोर्ट के सामने तथ्य रखते हुए कहा कि आरोपी को रंजिश के तहत दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाया गया है।
"घटनास्थल के आसपास मौजूद सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अभियोजन पक्ष की कहानी से मेल नहीं खाते हैं। इसके अलावा, आरोपी का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है और उसने जांच के दौरान पुलिस का पूरा सहयोग किया है।"
— बचाव पक्ष के अधिवक्ता
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का फैसला
मामले की गंभीरता, केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद, अदालत ने पाया कि प्रस्तुत साक्ष्यों में विरोधाभास है। इसके बाद जज कुलदीप सिंह ने शर्तों के साथ आरोपी अभिषेक चौहान को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस केस में सीसीटीवी फुटेज और आपराधिक इतिहास न होना आरोपी के पक्ष में सबसे मजबूत कड़ी साबित हुआ।