उत्तर प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर के पॉश और संवेदनशील माने जाने वाले भेलूपुर थाना क्षेत्र में कुछ दबंगों ने ऐसा आतंक मचाया कि एक पूरा परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर हो गया है। मामूली सी बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दबंगों ने न सिर्फ तीन सगे भाइयों को जान से मारने की धमकी दी, बल्कि उनके घर के बाहर खड़ी एक महंगी कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं।
जन्मदिन की खुशियां बदलीं मातम और डर में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना वाराणसी के रानीपुर इलाके की है। रानीपुर के रहने वाले श्रेयस तिवारी नाम के युवक का जन्मदिन था और वह अपनी खुशियों को सेलिब्रेट करने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। एक युवा के लिए उसका जन्मदिन बेहद खास होता है, लेकिन श्रेयस और उसके परिवार को शायद ही इस बात का अंदाजा रहा होगा कि यह दिन उनकी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन जाएगा।
पीड़ित परिवार द्वारा भेलूपुर थाने में दी गई आधिकारिक तहरीर के मुताबिक, जब श्रेयस अपना जन्मदिन मना रहा था, तभी वहां कुछ स्थानीय दबंग पहुंचे। आरोपियों की पहचान शैलेंद्र यादव, संदीप सेठ और वेदांत सोनकर के रूप में हुई है। इन तीनों ने मौके पर पहुंचते ही श्रेयस के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। उन्होंने श्रेयस को उस स्थान से तुरंत चले जाने का फरमान सुनाया और धमकी दी कि वह अपना जन्मदिन कहीं और जाकर मनाए। जब श्रेयस ने इसका विरोध किया और अपनी जगह पर रहने की बात कही, तो आरोपियों ने उसका रास्ता रोकने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
फोन पर मिली जान से मारने की धमकियां
मामला सिर्फ इतने पर ही शांत नहीं हुआ। जब श्रेयस विवाद बढ़ने के बाद वहां से सुरक्षित अपने घर लौट आया, तो दबंगों का गुस्सा और अधिक भड़क गया। आरोप है कि मुख्य आरोपी शैलेंद्र यादव ने इसके बाद श्रेयस के बड़े भाई के मोबाइल फोन पर संपर्क किया। फोन पर उसने केवल धमकियां ही नहीं दीं, बल्कि लड़कों के पिता अजय तिवारी से बात करते हुए पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी।
एक पिता के लिए अपने बच्चों की जान पर मंडराता खतरा किसी बड़े सदमे से कम नहीं होता। अजय तिवारी और उनका पूरा परिवार इस प्रकार की खुली धमकियों से हक्का-बक्का रह गया। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इस प्रकार की दबंगई का सामना कैसे किया जाए।
रात के अंधेरे में कार को बनाया निशाना
धमकियों का यह सिलसिला सिर्फ मौखिक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आरोपियों ने अपने खतरनाक इरादों को अमलीजामा पहनाना भी शुरू कर दिया। परिवार की एक कार जो शीलनगर इलाके में खड़ी की गई थी, उसे रात के अंधेरे में निशाना बनाया गया। अज्ञात और नामजद बदमाशों ने मिलकर उस चार पहिया वाहन में जमकर तोड़फोड़ की। गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और उसके बॉडी पार्ट्स को नुकसान पहुंचाया गया।
अगली सुबह जब परिवार के सदस्यों ने अपनी कार को क्षत-विक्षत हालत में देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इस कायराना हरकत से पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। कार में हुई इस तोड़फोड़ ने स्पष्ट कर दिया कि आरोपी महज डराने के लिए नहीं, बल्कि भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से घूम रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई और दर्ज मुकदमे
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने बिना कोई वक्त गंवाए भेलूपुर थाने का रुख किया। श्रेयस तिवारी की माता संगीता तिवारी ने थाने में पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ एक विस्तृत लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की नजाकत को समझते हुए तुरंत एक्शन लिया और कानून की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।
भेलूपुर पुलिस थाने के अधिकारियों के अनुसार, संगीता तिवारी की शिकायत पर शैलेंद्र यादव, संदीप सेठ, वेदांत सोनकर के साथ-साथ एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की विभिन्न एंगल से बारीकी से जांच कर रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल और जनता में असुरक्षा की भावना
उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार अपराधियों पर नकेल कसने और 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने का दावा करती है, लेकिन वाराणसी जैसे प्रमुख शहर में इस प्रकार की घटनाएं प्रशासनिक दावों की पोल खोलती नजर आती हैं। खुलेआम किसी के घर के बाहर खड़ी गाड़ी को तोड़ना और एक संभ्रांत परिवार को जान से मारने की धमकी देना यह साबित करता है कि बदमाशों में खाकी का खौफ किस हद तक कम हो चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ शुरुआती स्तर पर ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो इनके हौसले और अधिक बुलंद हो सकते हैं। पीड़ित परिवार इस समय गहरे मानसिक आघात और डर के साये में जी रहा है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें लगातार किसी अनहोनी का अंदेशा सता रहा है।
आगे की सुगबुगाहट और पुलिस की तलाश
भेलूपुर थाना पुलिस का कहना है कि नामजद किए गए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footages) को भी खंगाला जा रहा है ताकि रात के वक्त कार में तोड़फोड़ करने वाले अज्ञात शख्स की पहचान की जा सके और आरोपियों के मूवमेंट का पूरा रूट मैप तैयार किया जा सके।
यह घटना न केवल वाराणसी बल्कि पूरे राज्य के उन युवाओं और परिवारों के लिए एक चेतावनी है जिन्हें दबंगई और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अपना निशाना बनाते हैं। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भेलूपुर पुलिस कितनी जल्दी इन दबंगों को उनके अंजाम तक पहुंचाती है।