Breaking
► मुगलसराय की सियासत में हलचल: नईकोट गांव में मुकेश कुमार शर्मा को मिला बड़ा जनसमर्थन ► चंदौली में स्वतंत्रता दिवस पर छात्र से उठक-बैठक: वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल ► वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप: उफान से खतरे के निशान की ओर नदी, प्रशासन अलर्ट ► बेल्जियम में कुदरत का तांडव: 3000 हेक्टेयर जंगल खाक, सैकड़ों लोगों की अटकी सांसें ► AUS vs BAN: जीत के बाद बांग्लादेशी कप्तान का बड़ा बयान, कहा- 11 खिलाड़ियों को मिलना चाहिए अवॉर्ड ► वडोदरा में रक्षाबंधन से ठीक पहले मातम, करंट और स्विमिंग पूल में डूबे 4 बच्चों की मौत ► रांची में फूटा छात्रों का गुस्सा: सिर मुंडवाकर हेमंत सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन ► चौरहट पड़ाव के पूर्व सैनिक नसीम अहमद बने आम जनता की ढाल, बिना झिझक पहुंचाएं अपनी समस्या ► तिरंगे की शान में तैनात थे कांस्टेबल धर्मराज, परेड के दौरान टूटी सांसें; CM विजय का बड़ा ऐलान ► जमीन का हक पाने को अन्न दाताओं की जिद, उमरखेड़ में किसानों का अनशन शुरू ► मुगलसराय की सियासत में हलचल: नईकोट गांव में मुकेश कुमार शर्मा को मिला बड़ा जनसमर्थन ► चंदौली में स्वतंत्रता दिवस पर छात्र से उठक-बैठक: वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल ► वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप: उफान से खतरे के निशान की ओर नदी, प्रशासन अलर्ट ► बेल्जियम में कुदरत का तांडव: 3000 हेक्टेयर जंगल खाक, सैकड़ों लोगों की अटकी सांसें ► AUS vs BAN: जीत के बाद बांग्लादेशी कप्तान का बड़ा बयान, कहा- 11 खिलाड़ियों को मिलना चाहिए अवॉर्ड ► वडोदरा में रक्षाबंधन से ठीक पहले मातम, करंट और स्विमिंग पूल में डूबे 4 बच्चों की मौत ► रांची में फूटा छात्रों का गुस्सा: सिर मुंडवाकर हेमंत सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन ► चौरहट पड़ाव के पूर्व सैनिक नसीम अहमद बने आम जनता की ढाल, बिना झिझक पहुंचाएं अपनी समस्या ► तिरंगे की शान में तैनात थे कांस्टेबल धर्मराज, परेड के दौरान टूटी सांसें; CM विजय का बड़ा ऐलान ► जमीन का हक पाने को अन्न दाताओं की जिद, उमरखेड़ में किसानों का अनशन शुरू

वाराणसी का मालवीय पुल: क्या समय पर पूरा होगा निर्माण? जनता की बढ़ी चिंता

वाराणसी का मालवीय पुल: क्या समय पर पूरा होगा निर्माण? जनता की बढ़ी चिंता

वाराणसी की जीवनरेखा कहे जाने वाले मालवीय पुल पर चल रहा मरम्मत और निर्माण कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले एक महीने से चल रहे इस कार्य की सुस्त रफ्तार न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गई है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आंकड़ों की मानें तो तय समय सीमा के भीतर मात्र 30% कार्य ही पूरा हो पाया है, जो विकास कार्यों की कछुआ गति को दर्शाता है।

धीमी रफ्तार और अधर में लटका काम

आदमपुर और रामनगर थाना क्षेत्र को जोड़ने वाला यह पुल न केवल यातायात का मुख्य जरिया है, बल्कि यह वाराणसी और चंदौली के बीच संपर्क की महत्वपूर्ण कड़ी भी है। पिछले एक महीने से रेलवे द्वारा किए जा रहे इस कार्य को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी है। प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक पुल को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय लोगों और रात में सफर करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी आशंकाएं

निर्माण कार्य की निर्धारित समय सीमा अब समाप्त होने की ओर है, लेकिन मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि 30 दिनों में केवल 30% काम हुआ है, तो शेष 70% कार्य कब तक पूरा होगा? सबसे चिंताजनक बात यह है कि यातायात विभाग या रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सूचना जारी नहीं की गई है।

  • क्या आज रात से फिर पुल बंद रहेगा?
  • क्या यातायात पहले की तरह सुचारू रूप से चालू रहेगा?
  • निर्माण की नई समय सीमा क्या होगी?

इन सवालों के जवाब न मिलने से आम जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर काम इसी तरह चलता रहा, तो आने वाले त्योहारों और शादियों के सीजन में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग?

दैनिक यात्री सुरेश कुमार कहते हैं, 'हम रोजाना इस रास्ते से गुजरते हैं। रात में पुल बंद होने के कारण हमें कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। प्रशासन को कम से कम समय-सारणी तो स्पष्ट करनी चाहिए।' वहीं, व्यावसायिक संघों ने भी इस देरी पर चिंता जताई है, क्योंकि मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

आगे की राह: जवाबदेही जरूरी

विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनकी सुस्त रफ्तार जनता के लिए सजा नहीं बननी चाहिए। जानकारों का मानना है कि यदि रेलवे और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय हो, तो इस कार्य में तेजी लाई जा सकती है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी करता है या जनता को फिर से अनिश्चितता के बीच रातें गुजारनी पड़ेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: मालवीय पुल अभी किस समय बंद रहता है?

वर्तमान में, निर्माण कार्य के चलते यह पुल प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक बंद रहता है।

Q2: क्या पुल बंद होने की सूचना कहीं उपलब्ध है?

फिलहाल विभाग की ओर से कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके कारण यात्रियों में असमंजस की स्थिति है।

Q3: निर्माण कार्य पूरा होने में कितनी देरी हो सकती है?

कार्य की वर्तमान गति को देखते हुए, प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की संभावना कम है, हालांकि रेलवे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई है।

✍️

रिपोर्टर: Kavya Tripathi

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।