वाराणसी। पवित्र नगरी वाराणसी में अवैध नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अपना शिकंजा और कस दिया है। इसी कड़ी में जैतपुरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरप्रांतीय/स्थानीय स्तर पर सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। पुलिस टीम ने नक्खीघाट अंडरपास के पास से तीन शातिर गांजा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
5 लाख रुपये का गांजा बरामद
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किया गया है। तस्करों की घेराबंदी कर जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से कुल 27 किलो 615 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद हुआ। अंतर्राष्ट्रीय व स्थानीय बाजार में इस बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
सघन चेकिंग अभियान के दौरान मिली सफलता
जैतपुरा पुलिस क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार गश्त और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि कुछ नशा तस्कर नक्खीघाट अंडरपास के रास्ते बड़ी खेप खपाने की फिराक में हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और संदिग्धों को धर दबोचा।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस पूरी सफल कार्रवाई का नेतृत्व जैतपुरा थाना प्रभारी (SO) उपेंद्र प्रताप सिंह कर रहे थे। उनकी टीम में शामिल जांबाज पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तस्करों को भागने का मौका नहीं दिया।
- उपेंद्र प्रताप सिंह (थानाध्यक्ष, जैतपुरा)
- कुलदीप सिंह (हेड कांस्टेबल)
- विपिन मिश्रा (कांस्टेबल)
पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज
पुलिस अब पकड़े गए तीनों तस्करों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया जा रहा था और वाराणसी में इसे किन-किन पैडलर्स या ग्राहकों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. गांजा तस्करी का यह मामला कहां का है?
यह मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के जैतपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नक्खीघाट अंडरपास के पास का है।
2. तस्करों के पास से कितना गांजा बरामद हुआ है?
पुलिस ने तस्करों के पास से 27.615 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये है।
3. इस कार्रवाई में कौन-कौन से पुलिस अधिकारी शामिल थे?
इस सफलता में जैतपुरा एसओ उपेंद्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कांस्टेबल विपिन मिश्रा की मुख्य भूमिका रही।