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जब बड़े भाई ने अटलजी से कहा था- 'ससुराल मेरी और मजे तुम उड़ाते हो'

जब बड़े भाई ने अटलजी से कहा था- 'ससुराल मेरी और मजे तुम उड़ाते हो'

राजनीति के अजातशत्रु, ओजस्वी वक्ता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व जितना विशाल था, उनका निजी जीवन उतना ही सरल, सहज और हास-परिहास से भरा हुआ था। वे संसद से लेकर आम जनता के मंचों तक अपनी कविताओं और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे, लेकिन उनके परिवार और रिश्तेदारों के बीच उनके कुछ ऐसे अनसुने किस्से हैं जो उनके एक बिल्कुल अलग और जिंदादिल रूप से रूबरू कराते हैं।

अटल जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ा एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर से जुड़ा हुआ है। आखिर क्यों उनके बड़े भाई ने उन्हें मजाकिया अंदाज में यह कह दिया था कि 'ससुराल मेरी है और मजे तुम उड़ाते हो?'

सहबाला बनकर पहली बार गोरखपुर पहुंचे थे अटल जी

यह बात साल 1940 की है। अटल बिहारी वाजपेयी अपने बड़े भाई प्रेम बिहारी वाजपेयी की शादी में सहबाला (दूल्हे का भाई या सहायक) बनकर पहली बार गोरखपुर आए थे। गोरखपुर के मथुरा प्रसाद दीक्षित की बेटी राजेश्वरी के साथ प्रेम बिहारी वाजपेयी का विवाह हुआ था। इस रिश्ते के जुड़ने के बाद अटल जी का गोरखपुर से गहरा नाता बन गया और वे जब भी मौका मिलता, वहां पहुंच जाया करते थे।

अटल जी के रिश्तेदार और करीबियों के मुताबिक, वे गोरखपुर आने का कोई भी बहाना कभी नहीं छोड़ते थे। उनके इसी प्रेम को देखकर एक बार उनके बड़े भाई प्रेम बाजपेयी ने मजाकिया लहजे में अटल जी से कहा था, "ससुराल मेरी है और मजे तुम उड़ाते हो। दामाद मैं बना और मौज सारी तुम्हारी है!"

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खाने-पीने के शौकीन और खुद ठंडाई बनाने वाले अटल

अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ राजनीतिक चर्चाओं के ही शौकीन नहीं थे, बल्कि वे खाने-पीने के भी बेहद रसिया थे। उनके रिश्तेदार बृज नारायण दीक्षित (जो रिश्ते में अटल जी के भाई के साले थे और इस नाते अटल जी को जीजा कहा करते थे) ने एक इंटरव्यू में उनके खान-पान से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे किए थे।

  • कढ़ी-चावल का था खास क्रेज: अटल जी को खाने में कढ़ी-चावल बेहद पसंद था। उनके परिवार में आज भी उनकी जन्मतिथि पर इस बात को याद करते हुए विशेष रूप से कढ़ी-चावल बनाया जाता है।
  • खुद बनाते थे ठंडाई: जब भी गर्मी के दिनों में वे गोरखपुर पहुंचते थे, तो खुद आगे बढ़कर ठंडाई की सामग्री पीसते थे और अपने हाथों से सबको ठंडाई बनाकर पिलाते थे।
  • बेहद मिलनसार स्वभाव: ऊंचे राजनीतिक पदों पर रहने के बावजूद उनके भीतर कोई अहंकार नहीं था। घर की एक बांग्ला जानने वाली बड़ी बहू को वे प्यार और मजाक से 'खालिदा जिया' कहकर बुलाते थे। वे खुद अपने हाथ से खाना खाते थे और कभी किसी को अपने काम के लिए परेशान नहीं करते थे।
"जब भी वे गोरखपुर आते थे, तो राजनीतिक बातें पूरी तरह से भूल जाते थे। वे सिर्फ घर-परिवार की बातें करते, बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते और चुटीले अंदाज में कविताएं सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना देते थे।" - बृज नारायण दीक्षित (रिश्तेदार)

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका सम्मान पाने वाले नेता

ग्वालियर के एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने राजनीतिक जीवन में कई ऐतिहासिक आयाम स्थापित किए। चार दशकों के अपने शानदार संसदीय करियर में वे 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के लिए चुने गए। उन्होंने तीन बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली।

देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उनका योगदान अभूतपूर्व रहा। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना (राजमार्ग निर्माण), ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाना, और दूरसंचार क्रांति जैसे बड़े कदम उनके मजबूत प्रशासनिक विजन को दर्शाते हैं। राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें 1992 में 'पद्म विभूषण' और 2018 से ठीक पहले 2015 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया।

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एक युग का अंत

लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की आयु में दिल्ली के एम्स अस्पताल में अटल जी ने अंतिम सांस ली। उनका जाना भारतीय राजनीति के एक स्वर्ण युग का अंत था। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक शुचिता, लोकतांत्रिक मूल्य और उनके जीवन से जुड़े ये अनसुने और खट्टे-मीठे संस्मरण हमेशा देशवासियों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार गोरखपुर क्यों गए थे?

Ans: अटल जी साल 1940 में अपने बड़े भाई प्रेम बिहारी वाजपेयी की शादी में सहबाला बनकर पहली बार गोरखपुर गए थे।

Q2: अटल जी को खाने में सबसे ज्यादा क्या पसंद था?

Ans: अटल बिहारी वाजपेयी को खाने-पीने का बहुत शौक था, विशेष तौर पर उन्हें कढ़ी-चावल बेहद पसंद था।

Q3: अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से कब सम्मानित किया गया था?

Ans: अटल बिहारी वाजपेयी को वर्ष 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।

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तनु उपाध्याय

तनु उपाध्याय

Senior Sub Editor

तनु उपाध्याय एंटरटेनमेंट जगत की हलचल को करीब से समझती हैं और उसे दर्शकों के सामने आकर्षक अंदाज में पेश करती हैं। फिल्मों, टीवी, ओटीटी और वायरल ट्रे...

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