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झारखंड में क्यों भड़के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो? पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

झारखंड में क्यों भड़के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो? पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक नए विवाद में घिर गया है। राज्य के जाने-माने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। महato का दावा है कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पुलिस ने न सिर्फ उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी भी की गई। इस घटना के बाद से झारखंड के सियासी और छात्र गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

'क्या यही वह आजादी है?' - देवेंद्र नाथ महतो का छलका दर्द

अस्पताल के बिस्तर से अपनी बात रखते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा कि स्वतंत्रता दिवस के दिन अस्पताल में इलाजरत होने के बावजूद उन्हें जबरन रोका गया। महतो ने अपने पोस्ट में लिखा, 'आज स्वतंत्रता दिवस पर अस्पताल में इलाजरत होने के बावजूद मुझे धक्का-मुक्की कर रोका गया और मेरे साथियों के साथ भी मारपीट की गई। मुझे झंडोत्तोलन, तिरंगा यात्रा में शामिल होने और अपनी इच्छा के अनुसार इलाज कराने तक की आजादी नहीं दी गई।'

उन्होंने आगे तीखे सवाल पूछते हुए कहा, 'क्या यही वह आजादी है, जिसके लिए भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस, महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संघर्ष किया था? क्या अपने अधिकारों की आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी भी नहीं बची?' महतो ने इस दिन को अपने जीवन का बेहद पीड़ादायक दिन बताया है।

2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं महतो

आपको बता दें कि झारखंड में जेएसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्र लगातार मुखर हैं। इसी कड़ी में देवेंद्र नाथ महतो ने गत 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। स्वतंत्रता दिवस के दिन जब वे तिरंगा यात्रा में शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, तब उनकी भूख हड़ताल का 14वां दिन था। लगातार इतने दिनों तक अन्न-जल त्यागने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति काफी नाजुक हो चुकी है। प्रदर्शन के दौरान उपजे तनाव और तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है।

अस्पताल परिसर में पुलिस और छात्र नेता के बीच टकराव का वीडियो वायरल

घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सदर अस्पताल परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों और देवेंद्र नाथ महतो के बीच तीखी नोकझोंक और टकराव साफ नजर आ रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महतो के हाथ में तिरंगा है और उन्होंने तिरंगे के रंग के कपड़े पहने हुए हैं। वहीं, पुलिसकर्मी सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर जाने से रोकते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

राजनीतिक गलियारों में छिड़ी बहस: स्वास्थ्य प्राथमिकता या अधिकारों का हनन?

इस पूरे घटनाक्रम के बाद झारखंड की राजनीति में भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एक तरफ जहां छात्र नेता के समर्थक और कई विपक्षी दल इसे तानाशाही रवैया बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और प्रशासन के समर्थकों का तर्क अलग है।

झारखंड कांग्रेस के नेता कुमार राजा ने देवेंद्र नाथ महतो को रोके जाने के प्रशासनिक कदम का बचाव किया है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति या नेता के राजनीतिक विचारों और आयोजनों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका स्वास्थ्य और जीवन है। पुलिस ने शायद उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए ही यह कदम उठाया होगा ताकि कोई अनहोनी न हो सके। हालांकि, छात्र संगठन इस दलील से इत्तेफाक नहीं रखते और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दे रहे हैं।

छात्र आंदोलन का 23वां दिन, आगे क्या?

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन अब अपने 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों (विशेषकर परीक्षाओं की सीबीआई जांच) को नहीं मानती, तब तक उनका यह संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। बहरहाल, देवेंद्र नाथ महतो और पुलिस के बीच हुआ यह टकराव आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति को और गर्म कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं और वे क्यों विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं?

देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के एक प्रमुख छात्र नेता हैं। वे राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और अन्य छात्र-हित की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

2. देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया है?

महतो ने आरोप लगाया है कि स्वतंत्रता दिवस के दिन अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका।

3. देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल कब शुरू हुई थी?

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत की थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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अनुराधा दुबे

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अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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