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वाराणसी में सड़क पर मलबा फैलाना पड़ा भारी, टकसाल सिनेमा पर नगर निगम ने लगाया ₹4 हजार जुर्माना

वाराणसी में सड़क पर मलबा फैलाना पड़ा भारी, टकसाल सिनेमा पर नगर निगम ने लगाया ₹4 हजार जुर्माना

वाराणसी। शहर में स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण व गंदगी से मुक्त रखने के लिए नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। नदेसर-राजा बाजार क्षेत्र स्थित टकसाल सिनेमा परिसर में चल रहे ध्वस्तीकरण के दौरान मलबा और मिट्टी सड़क तक फैलने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए ₹4,000 का स्थलीय जुर्माना लगाया है।

ध्वस्तीकरण के दौरान निकला बड़ी मात्रा में मलबा परिसर के भीतर सीमित रहने के बजाय आसपास के सार्वजनिक मार्ग तक पहुंच गया था। इससे सड़क पर गंदगी और धूल की स्थिति बन गई। स्वच्छता निरीक्षण के दौरान नगर निगम के अधिकारियों की नजर इस पर पड़ी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग ने काटा ₹4 हजार का चालान

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आकाश राय (टकसाल) के नाम पर ₹4,000 का स्थलीय जुर्माना लगाया गया।

कार्रवाई उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता नियमावली-2021 के Rule 46 के तहत spot fine की व्यवस्था से जोड़ी गई है। Rule 46 नगर निकाय के अधिकृत अधिकारियों को littering और public nuisance से जुड़े उल्लंघनों पर मौके पर जुर्माना लगाने की शक्ति देता है।

चालान के साथ ही नगर निगम की टीम ने सड़क और आसपास फैले मलबे की सफाई भी शुरू कराई।

सड़क किनारे C&D Waste डालना नियमों का उल्लंघन

निर्माण या किसी भवन को तोड़ने से निकलने वाले मलबे को Construction and Demolition यानी C&D Waste की श्रेणी में रखा जाता है।

नियमों के अनुसार demolition waste को परिसर के भीतर व्यवस्थित तरीके से रखने और उसके उचित collection, segregation, storage तथा disposal की जिम्मेदारी waste generator की होती है। इसे सड़क, pavement, सरकारी जमीन या सार्वजनिक मार्ग के किनारे डालना कार्रवाई का कारण बन सकता है।

उत्तर प्रदेश की नियमावली के Schedule-II में सड़क या public-road side पर C&D waste डालने के लिए अलग-अलग नगर निकाय श्रेणियों के अनुसार spot fine का प्रावधान भी मौजूद है।

₹3 हजार का नियम, टकसाल मामले में ₹4 हजार क्यों?

इस मामले में एक तथ्य ध्यान देने योग्य है।

उत्तर प्रदेश की 2021 नियमावली के Schedule-II में बड़ी municipal corporation category में road pavement या public-road side पर C&D waste डालने की specific entry के लिए ₹3,000 का spot fine दर्ज है, जबकि टकसाल सिनेमा मामले में ₹4,000 के चालान की जानकारी सामने आई है।

₹4,000 की पूरी राशि किस specific violation या एक से अधिक उल्लंघनों के आधार पर तय की गई, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित चालान या नगर निगम के आदेश से ही स्पष्ट हो सकेगी।

इसलिए घटना में लगाया गया ₹4,000 का जुर्माना और Schedule-II की ₹3,000 वाली specific entry अलग-अलग संदर्भ में समझना जरूरी है।

बिना ढके वाहन से मलबा ले जाना भी पड़ सकता है भारी

नगर निगम के नियम केवल सड़क पर मलबा जमा करने तक सीमित नहीं हैं।

अगर demolition waste को truck, tractor या अन्य वाहन से ले जाया जा रहा है, तो उसे इस तरह transport करना चाहिए कि सामग्री सड़क पर न गिरे।

Schedule-II में waste से भरे uncovered vehicle के संचालन के लिए भी अलग spot fine का प्रावधान है। बड़े municipal corporation category में यह ₹2,000 तक बताया गया है।

इसका मतलब है कि demolition site से मलबा हटाते समय भी contractors और property owners को सावधानी बरतनी होगी।

नालियों में मलबा पहुंचा तो बढ़ सकती है परेशानी

ध्वस्तीकरण से निकली मिट्टी और rubble सड़क पर पड़ा रहे तो बारिश या सफाई के पानी के साथ नालियों में पहुंच सकता है।

नियमों में ऐसा material खुले drain या manhole में डालने पर भी रोक है जिससे drainage system block हो सकता है।

ऐसे में मलबा केवल स्वच्छता की समस्या नहीं बनता, बल्कि जलभराव और यातायात की परेशानी भी बढ़ा सकता है।

मकान-दुकान तोड़वा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

टकसाल सिनेमा की कार्रवाई आम property owners के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है।

अगर कोई मकान, दुकान या commercial building तोड़वाई जा रही है तो demolition शुरू होने से पहले यह तय करना जरूरी है कि मलबा कहां रखा जाएगा और कैसे उठाया जाएगा।

मलबे को परिसर के भीतर सुरक्षित रखना, सड़क और नाली से दूर रखना, authorized disposal व्यवस्था का इस्तेमाल करना और covered vehicle से transportation कराना बेहतर तरीका है।

Contractor को demolition का काम देने के बाद भी debris management को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Work order में यह स्पष्ट करना उपयोगी है कि मलबा कौन उठाएगा, किस वाहन से जाएगा और कहां dispose किया जाएगा।

2026 से C&D Waste को लेकर नए केंद्रीय नियम भी प्रभावी

Construction और demolition waste को लेकर देश स्तर पर भी नियमों में बदलाव हुआ है।

Environment (Construction and Demolition) Waste Management Rules, 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया है। नई व्यवस्था construction, demolition, renovation और repair से निकलने वाले waste के scientific management, processing और recycling पर जोर देती है।

इससे साफ है कि demolition waste अब केवल स्थानीय सफाई का मामला नहीं बल्कि environmental compliance से भी जुड़ा विषय है।

नगर आयुक्त ने दी सख्त चेतावनी

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में सार्वजनिक मार्गों पर गंदगी, मलबा या प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य कराने वाले प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों से मलबे के उचित निस्तारण की व्यवस्था करने और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने की अपील की गई है।

टकसाल सिनेमा मामले में चालान के साथ सड़क की सफाई कराने की कार्रवाई भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

सिर्फ ₹4 हजार के जुर्माने की खबर नहीं

टकसाल सिनेमा पर हुई कार्रवाई का संदेश जुर्माने की रकम से बड़ा है।

वाराणसी में तेजी से चल रहे निर्माण, renovation और demolition कार्यों के बीच अब यह जरूरी है कि property owners और contractors केवल भवन तोड़ने की योजना न बनाएं, बल्कि उससे निकलने वाले मलबे के सुरक्षित disposal की व्यवस्था भी पहले से करें।

क्योंकि नियमों के अनुसार मलबा सड़क, pavement, drain या सार्वजनिक भूमि तक पहुंचा तो नगर निगम मौके पर कार्रवाई कर सकता है।

सीधी बात यह है—भवन तोड़ने से पहले यह भी तय करें कि उसका मलबा कहां जाएगा।

एक नजर में मामला

स्थान: नदेसर-राजा बाजार, वाराणसी

प्रतिष्ठान: टकसाल सिनेमा परिसर

मामला: ध्वस्तीकरण का मलबा और मिट्टी सार्वजनिक मार्ग तक फैलना

जुर्माना: ₹4,000

कार्रवाई: नगर निगम स्वास्थ्य विभाग

नियम: UP Solid Waste Management, Operation & Sanitation Rules-2021 का Rule 46

अन्य कार्रवाई: सड़क और आसपास की सफाई

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अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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