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Vishwakarma Puja 2026: आज कन्या संक्रांति पर करें सृष्टि के शिल्पकार की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

Vishwakarma Puja 2026: आज कन्या संक्रांति पर करें सृष्टि के शिल्पकार की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

सृष्टि के पहले शिल्पकार और वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा की आराधना का महापर्व आज यानी गुरुवार को बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार, आज कन्या संक्रांति का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जो इस पावन दिन के महत्व को कई गुना बढ़ा देता है। देश के कोने-कोने में कारखानों, औद्योगिक इकाइयों, कला-केंद्रों, दुकानों, और दफ्तरों में आज मशीनों और औजारों की विशेष पूजा की जा रही है। मान्यता है कि विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की आराधना करने से व्यापार में उन्नति होती है और कभी भी धन-धान्य या रोजगार की कोई कमी नहीं आती है।

यदि आप भी आज अपने कार्यस्थल या प्रतिष्ठान पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने जा रहे हैं, तो सही समय और नियमों का ज्ञान होना बेहद आवश्यक है। बिना उचित मुहूर्त के की गई पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। आइए विस्तार से जानते हैं आज के सभी शुभ मुहूर्तों, पूजा की चरण-बद्ध विधि और इससे जुड़ी अन्य जरूरी बातों के बारे में।

Vishwakarma Puja 2026: आज के सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त

धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों में समय यानी मुहूर्त का बहुत बड़ा योगदान होता है। इस वर्ष विश्वकर्मा पूजा के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर आप अपने व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में बरकत ला सकते हैं:

  • पूजा का आरंभिक शुभ मुहूर्त: आज सुबह 07:58 बजे से शुरू हो चुका है।
  • सर्वोत्तम पूजा अवधि: सुबह 07:58 बजे से लेकर दोपहर 12:40 बजे तक का समय पूजा के लिए सबसे अधिक फलदायी माना गया है। इस लंबी अवधि में आप अपनी सुविधा अनुसार कभी भी अनुष्ठान कर सकते हैं।
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। जो लोग सुबह तड़के या किसी व्यस्तता के चलते पूजा नहीं कर पाए हैं, वे इस अत्यंत शुभ अभिजीत मुहूर्त में भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर सकते हैं। इस दौरान नया काम शुरू करना भी बेहद शुभ होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन निर्धारित समय में की गई पूजा नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और कार्यस्थल पर सकारात्मकता का संचार करती है।

कारखाने, दुकान और ऑफिस में पूजा करने की सरल और सही विधि

भगवान विश्वकर्मा यंत्रों, निर्माण और वास्तुकला के देवता हैं। इसलिए उनकी पूजा का तरीका सामान्य देवी-देवताओं की पूजा से थोड़ा अलग होता है, जिसमें यंत्रों की भी प्रधानता होती है। आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप पूजा की पूरी विधि:

1. साफ-सफाई और शुद्धिकरण

पूजा का विधान शुरू करने से पहले अपने कारखाने, दुकान या ऑफिस की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें। ध्यान रखें कि गंदे स्थान पर देवताओं का वास नहीं होता। सफाई के बाद कार्यस्थल को गंगाजल छिड़ककर पवित्र कर लें।

2. चौकी की स्थापना

कारखाने या दुकान के ईशान कोण या किसी साफ स्थान पर एक साफ चौकी रखें। इस चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। इसके बाद इस पर विघ्नहर्ता भगवान गणेश और देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या तस्वीर को ससम्मान स्थापित करें।

3. पूजन सामग्री अर्पण

प्रतिमा स्थापित करने के बाद सबसे पहले प्रथम पूज्य भगवान गणेश को प्रणाम करें। इसके बाद दोनों देवताओं को रोली, अक्षत (चावल), चंदन, पीले और लाल फूल तथा फूलों की माला अर्पित करें। पूजा की थाली में धूप, दीप और नैवेद्य सजाकर विधिवत आरती की तैयारी करें।

यंत्रों, मशीनों और वाहनों की पूजा का महत्व

विश्वकर्मा पूजा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस दिन केवल तस्वीरों की ही नहीं, बल्कि उन सभी उपकरणों, मशीनों, औजारों और वाहनों की भी पूजा की जाती है जिनके जरिए आजीविका चलती है।

  • पूजा के दौरान अपने कारखाने की मशीनों, कंप्यूटर, लैपटॉप, टूल्स और वाहनों पर कुमकुम और हल्दी से तिलक लगाएं।
  • औजारों पर कलावा (रक्षा सूत्र) बांधना भी बहुत शुभ माना जाता है।
  • इसके बाद धूप और दीप जलाकर भगवान विश्वकर्मा की कथा का श्रवण या पाठ करें।
  • पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की आरती उतारें और उपस्थित सभी लोगों को आरती लें।

प्रसाद वितरण और इसका महत्व

आरती संपन्न होने के बाद भगवान को फल, मिष्ठान और पंजीरी का भोग लगाएं। इसके बाद कारखाने या दुकान पर मौजूद सभी कर्मचारियों, कामगारों और ग्राहकों में प्रसाद का वितरण करें। ऐसा माना जाता है कि प्रसाद बांटने से आपसी प्रेम बढ़ता है और देवताओं की कृपा हमेशा बनी रहती है।

इन तमाम नियमों और विधि-विधान का पालन करके जो व्यक्ति आज के दिन भगवान विश्वकर्मा की आराधना करता है, उसके कारोबार में आने वाली सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। साथ ही, काम में आने वाली मशीनें भी लंबे समय तक बिना किसी बड़ी खराबी के सुचारू रूप से चलती रहती हैं। इस पावन पर्व पर सच्चे मन से किया गया पूजन आपके पूरे वर्ष के व्यापारिक सफर को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।

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अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer (देश खबरें)

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

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