अमेरिकी विदेश विभाग ने ट्रंप के कार्यकाल में 3 लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं। जानिए क्या है पूरी कार्रवाई और भारतीय छात्रों-कर्मचारियों पर इसका असर।
अमेरिकी विदेश विभाग ने ट्रंप के कार्यकाल में की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, आपराधिक गतिविधियों और आव्रजन उल्लंघनों का दिया हवाला
अमेरिका के विदेश विभाग ने डोनाल्ड ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल की शुरुआत से लेकर अब तक 3 लाख से अधिक वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी इतिहास में वीजा रद्दीकरण का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। विभाग ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ महीनों में वीजा रद्द करने की गति में काफी तेजी आई है। इससे पहले अगस्त में जारी अपडेट में यह संख्या 1.75 लाख से अधिक बताई गई थी।
सेक्रेटरी रुबियो के नेतृत्व में हो रही है वीजाधारकों की समीक्षा
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सेक्रेटरी मार्को रुबियो के नेतृत्व में वर्तमान में अमेरिका के सभी वीजाधारकों की अभूतपूर्व तरीके से व्यापक समीक्षा की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीजा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें देश में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किन कारणों से रद्द किए गए वीजा?
अमेरिकी प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अधिकांश वीजा रद्दीकरण के पीछे आपराधिक गतिविधियां, सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं, आव्रजन नियम, धोखाधड़ी या गलत बयानी जैसे कारण शामिल हैं। इसके अलावा ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की गई है, जहां यह जानकारी सामने आई कि संबंधित व्यक्ति अब वीजा के योग्य नहीं बचा है।
बर्थ टूरिज्म पर विशेष प्रहार
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि केवल 'बर्थ टूरिज्म' (अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाने की प्रथा) के मामलों में 4,000 से अधिक वीजा रद्द किए गए हैं। बर्थ टूरिज्म के तहत रद्द किए गए इन 4,000 से अधिक वीजा में से 700 से ज्यादा चीनी नागरिकों के थे।
सतत जांच केंद्र (Continuous Vetting Center) की भूमिका
ट्रंप प्रशासन ने 2025 में ब्यूरो ऑफ कंसुलर अफेयर्स के तहत वाशिंगटन डीसी में एक 'कंटीन्यूअस वेटिंग सेंटर' (सतत जांच केंद्र) की स्थापना की थी। विभाग ने बताया कि इस केंद्र ने अकेले 23,000 से अधिक वीजा रद्द किए हैं।
सतत जांच केंद्र द्वारा रद्द किए गए 23,000 वीजा में से अधिकांश आपराधिक गतिविधियों या सार्वजनिक सुरक्षा के खतरों से जुड़े थे। इसमें से:
- 25 प्रतिशत मामले मारपीट और संबंधित अपराधों से जुड़े थे।
- 22 प्रतिशत मामले शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्राइविंग अंडर द इन्फ्लुएंस) के थे।
- 7 प्रतिशत मामले चोरी से जुड़े थे।
- 7 प्रतिशत मामले मादक पदार्थों के सेवन या वितरण से संबंधित थे।
भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए स्थिति
अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी इन आंकड़ों में चीन के नागरिकों (बर्थ टूरिज्म श्रेणी) को छोड़कर देशवार कोई विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है। आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि रद्द किए गए कुल वीजा में से कितने वीजा उन भारतीय नागरिकों के पास थे, जो अमेरिका में सबसे बड़े छात्र और कुशल कामगार समूहों में शामिल हैं।