बलूचिस्तान में बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करते हुए 'आमिर एयरो गार्डियंस' नामक एक विशेष ड्रोन यूनिट के गठन की आधिकारिक घोषणा की है। संगठन का दावा है कि इस नवगठित ड्रोन विंग ने बलूचिस्तान के कछी जिले में स्थित एक प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जिससे वहां भारी जानमाल का नुकसान हुआ है।
बीआरजी के आधिकारिक प्रवक्ता दोस्तैन बलूच द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए बयान के अनुसार, इस नई ड्रोन यूनिट के लड़ाकों ने 29 अक्टूबर की शाम को कछी जिले के सन्नी क्षेत्र में स्थित मुख्य पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर हमला किया। इस हमले के दौरान शिविर के भीतर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और 'बलूचिस्तान पोस्ट' के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस ड्रोन हमले से पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि बलूच संगठन की ओर से इस घटना में हताहतों के विशिष्ट आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
आधुनिक युद्धनीति और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल
संगठन के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने इस नई यूनिट के गठन के पीछे की रणनीतिक वजहों को स्पष्ट करते हुए कहा कि 'आमिर एयरो गार्डियंस' की स्थापना आधुनिक युद्ध की बदलती आवश्यकताओं और जरूरतों को पूरा करने के लिए की गई है। उनका कहना है कि यह तकनीक-आधारित यूनिट पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों का सटीक पता लगाने और उनके उन शिविरों पर भी अप्रत्याशित रूप से हमला करने में सक्षम है, जिन्हें अब तक बेहद सुरक्षित माना जाता रहा है।
प्रवक्ता ने यह भी रेखांकित किया कि आने वाले समय में यह ड्रोन यूनिट अपने सामरिक अभियानों और कार्यक्षेत्र का दायरा और अधिक विस्तृत करेगी। इस सैन्य रणनीति का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को न केवल भौतिक या मानवीय रूप से बल्कि मनोवैज्ञानिक मोर्चे पर भी गहरा आघात पहुंचाना है, ताकि उनके सुरक्षा दावों की पोल खोली जा सके।
सिबी जिले में रेलवे ट्रैक को भी बनाया गया निशाना
ड्रोन हमले की इस बड़ी घटना के अतिरिक्त, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने गुरुवार रात सिबी जिले के बख्तियारबाद इलाके के पास रेलवे ट्रैक पर हुए शक्तिशाली विस्फोट की जिम्मेदारी भी खुले तौर पर ली है। बीआरजी के लड़ाकों ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनके दस्ते ने पूर्व नियोजित योजना के तहत रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक सामग्री लगाई थी और उसमें समय रहते विस्फोट किया गया। इस धमाके के कारण रेल मार्ग को व्यापक स्तर पर क्षति पहुंची है, जिससे क्षेत्र में यातायात और आवाजाही बाधित हुई है। बलूचिस्तान क्षेत्र में हाल के दिनों में सैन्य प्रतिष्ठानों और परिवहन बुनियादी ढांचे पर इस तरह के हमलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे सुरक्षा तंत्र के समक्ष नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।