गर्मी की तपिश से राहत लेकर आने वाली मानसून की बूंदें अपने साथ रसोई घर के लिए एक बड़ी चुनौती भी लाती हैं। हवा में मौजूद नमी और सीलन के कारण ड्रमों में रखा गेहूं, चावल या दालें बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। कभी घुन, कभी काली सूंडी तो कभी सफेद फफूंदी—पूरे साल के राशन पर पानी फेर देती हैं।
अगर आपको भी इस बारिश के मौसम में अपने अनाज को सुरक्षित रखने की चिंता सता रही है, तो आपको बाजार से केमिकल वाली जहरीली गोलियां खरीदने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। हमारी पारंपरिक रसोई और दादी-नानी के नुस्खों में ही इसका अचूक इलाज छिपा है। आइए जानते हैं वे 3 बेहद आसान और असरदार देसी तरीके, जो आपके अनाज को महीनों तक ताजा रखेंगे।
1. सरसों या अरंडी के तेल का कुदरती सुरक्षा कवच
ग्रामीण इलाकों में आज भी अनाज को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए इस तरीके को सबसे भरोसेमंद माना जाता है। सरसों या अरंडी (Castor Oil) का तेल अनाज के दानों पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है।
- इस्तेमाल का तरीका: गेहूं या अनाज के दानों पर बहुत ही मामूली मात्रा में सरसों या अरंडी का तेल लगाकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें।
- यह कैसे काम करता है: तेल की हल्की परत हवा की नमी को अनाज के भीतर जाने से रोकती है। जब दानों में सीलन नहीं पहुंचती, तो घुन और कीड़े पनप ही नहीं पाते।
2. नीम की सूखी पत्तियों की पोटली
नीम अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों के लिए जानी जाती है। यह त्वचा की देखभाल के साथ-साथ आपके अनाज की रक्षा करने में भी नंबर-1 है।
ताजी नीम की पत्तियों को तोड़कर पहले छांव में अच्छी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि पत्तियों में थोड़ी भी नमी न रहे। अब इन सूखी पत्तियों को किसी पतले सूती कपड़े में बांधकर छोटी-छोटी पोटलियां बना लें। इन पोटलियों को गेहूं या चावल की टंकी (ड्रम) में नीचे, बीच में और सबसे ऊपर रख दें। नीम की तेज गंध से कीड़े और सूंडी ड्रम के आसपास भी नहीं फटकेंगे।
3. ढेले वाला खड़ा नमक सोखेगा सीलन
मानसून में अनाज सड़ने की असली वजह हवा में मौजूद एक्स्ट्रा मॉइश्चर (नमी) होती है। इसे सोखने के लिए ढेले वाला खड़ा नमक रामबाण इलाज की तरह काम करता है।
सूती कपड़े में ढेले वाले नमक के कुछ टुकड़े बांधकर अनाज के बीच में दबा दें। नमक ड्रम के अंदर की पूरी नमी को खुद में खींच लेता है। जब ड्रम के अंदर का वातावरण पूरी तरह सूखा रहेगा, तो फंगस और जाले लगने की नौबत ही नहीं आएगी।
blockquote>जरूरी टिप: किसी भी देसी उपाय को अपनाने से पहले यह पक्का कर लें कि ड्रम में अनाज भरने से पहले उसे तेज धूप में अच्छी तरह सुखा लिया गया हो। अगर अनाज पहले से ही नम होगा, तो कोई भी तरीका पूरी तरह कारगर नहीं हो पाएगा।