स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और देश के डिजिटल नियमों को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए तकनीकी दिग्गज एप्पल (Apple) ने भारत में अपने एप स्टोर से एक चर्चित मैसेजिंग एप को हटा दिया है। यह कदम देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सख्त निर्देशों के बाद उठाया गया है। भारत सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद रातों-रात इस एप्लीकेशन को भारतीय बाजार के लिए ब्लॉक कर दिया गया, जिसके बाद से तकनीकी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
आखिर क्या है पूरा मामला और किस एप पर गिरी गाज?
भारत सरकार के आईटी मंत्रालय के आदेश के बाद एप्पल ने ट्विटर (अब X) के सह-संस्थापक जैक डोर्सी से जुड़े एक लोकप्रिय ऑफलाइन मैसेजिंग एप 'बिटचैट' (Bitchat) को अपने एप स्टोर से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह एप्लीकेशन अपनी अनोखी ऑफलाइन मैसेजिंग तकनीक के कारण पिछले कुछ समय से तकनीकी प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। हालांकि, भारत में इस एप की मौजूदगी पर अब कानूनी शिकंजा कस चुका है और इसे देश के डिजिटल इकोसिस्टम से फिलहाल हटा दिया गया है।
आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत हुई सख्त कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई के पीछे भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A का इस्तेमाल किया गया है। यह धारा देश की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या कंटेंट को ब्लॉक करने की शक्ति सरकार को प्रदान करती है।
सूत्रों का कहना है कि इस एप के संचालन और इसके सुरक्षा फीचर्स को लेकर कुछ ऐसे तकनीकी और नियामक कंसर्न सामने आए थे, जो मौजूदा भारतीय कानूनों और सुरक्षा मानकों के दायरे में खरे नहीं उतर रहे थे। इसके बाद संबंधित एजेंसियों की सिफारिश पर MeitY ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया।
क्या है Bitchat एप और क्यों है यह खास?
जब से इस एप को हटाने की खबर सामने आई है, तब से आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह एप क्या काम करता था और इसकी क्या विशेषताएं थीं।
- ऑफलाइन कम्यूनिकेशन: यह एप बिना इंटरनेट या सेलुलर नेटवर्क के भी काम करने का दावा करता था।
- पीयर-टू-पीयर तकनीक: इसमें ब्लूटूथ और वाई-फाई डायरेक्ट जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके पास के यूजर्स के साथ सीधे चैट करने की सुविधा मिलती थी।
- जैक डोर्सी का कनेक्शन: इस एप के साथ तकनीकी दुनिया के दिग्गजों का नाम जुड़े होने के कारण इसे लेकर प्राइवेसी और सेंसरशिप-फ्री चैटिंग को लेकर काफी चर्चा थी।
सुरक्षा एजेंसियां और सरकार का सख्त रुख
हाल के दिनों में भारतीय नियामक और सुरक्षा एजेंसियां उन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को लेकर बेहद सतर्क हो गई हैं जो एन्क्रिप्टेड या डिцентраलाइज्ड कम्यूनिकेशन की सुविधा देते हैं, खासकर तब जब वे स्थापित भारतीय कानूनी ढांचे या निगरानी के दायरे से बाहर काम करने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी मैसेजिंग एप के लिए देश के भीतर कानून का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई प्लेटफॉर्म कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आवश्यक सहयोग देने से बचता है या सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है, तो सरकार इसी तरह की सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटती है।
एप्पल की प्रतिक्रिया और आगे क्या होगा?
एप्पल ने स्थानीय कानूनों और विनियामक प्राधिकरणों के आदेशों का पालन करते हुए भारतीय एप स्टोर से इस एप को हटा दिया है। जिन उपयोगकर्ताओं के फोन में यह एप पहले से इंस्टॉल है, वे शायद इसका उपयोग करने में असमर्थ हो सकते हैं या आने वाले दिनों में इसके सर्वर से कनेक्ट होने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर डेवलपर्स या कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन भारत सरकार के इस कदम ने साफ कर दिया है कि देश की डिजिटल सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी प्लेटफॉर्म के लिए यहां कोई जगह नहीं है।