राजस्थान के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जोधपुर में नगरीय निकाय चुनावों के लिए शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया जारी है, जिसमें आम जनता से लेकर बड़े सियासी दिग्गज तक बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता अशोक गहलोत ने अपने गृह जिले जोधपुर में मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनके साथ उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
महामंदिर केंद्र पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह मतदान प्रक्रिया शुरू होने के कुछ समय बाद अशोक गहलोत जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र स्थित वर्धमान जैन स्कूल मतदान केंद्र पर पहुंचे। उनके आने की सूचना मिलते ही स्थानीय मतदाताओं और उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के बीच पूर्व सीएम ने आम नागरिक की तरह कतार में अपनी बारी का इंतजार किया और बूथ के भीतर जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मतदान करने के तुरंत बाद अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत की और लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव होते हैं, क्योंकि ये सीधे तौर पर आम जनता के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े होते हैं।
समर्थकों में दिखा भारी जोश
जैसे ही अशोक गहलोत मतदान केंद्र के बाहर आए, वहां मौजूद समर्थकों ने उनका स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने भी उनके साथ सेल्फी लेने और हाल-चाल जानने की कोशिश की। गहलोत ने भी मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन किया और शहरवासियों से शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने का आग्रह किया।
- स्थान: वर्धमान जैन स्कूल मतदान केंद्र, महामंदिर, जोधपुर
- प्रमुख हस्ती: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
- अवसर: नगरीय निकाय चुनाव 2026 मतदान
- मुख्य संदेश: लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें
स्थानीय निकायों की मजबूती पर जोर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जोधपुर जैसे बड़े शहर में पूर्व मुख्यमंत्री का खुद मतदान करने पहुंचना न सिर्फ आम मतदाताओं को प्रेरित करता है, बल्कि चुनावी माहौल में राजनीतिक सरगर्मी को भी तेज कर देता है। निकाय चुनाव किसी भी शहर की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वार्ड स्तर के पार्षद और निकाय प्रमुख ही पानी, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं का सीधा समाधान करते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन की अपील और सुरक्षा व्यवस्था
जोधपुर जिला प्रशासन लगातार शहरवासियों से अपील कर रहा है कि वे बिना किसी डर या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे उन्हें वोट डालने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शाम ढलने तक मतदान की प्रक्रिया जारी रहेगी और इसके बाद उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम या मतपेटी में बंद हो जाएगी। नतीजों पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं क्योंकि यह चुनाव आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।