राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में इस समय शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 की सुबह से ही भारी गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। राज्य में नगर निगम और स्थानीय निकायों के चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। इसी बीच, सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर आम जनता के सामने एक मजबूत और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। मुख्यमंत्री ने आज सुबह न केवल अपने परिवार के साथ कतार में लगकर वोट डाला, बल्कि प्रदेश की जनता को भी इस महापर्व में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का खुला संदेश दिया।
जगतपुरा मतदान केंद्र पर पहुंचे मुख्यमंत्री
शुक्रवार सुबह निर्धारित समय पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने परिजनों के साथ राजधानी जयपुर के एनडब्ल्यूआर कार्यालय के समीप स्थित नवोदय शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज, गेतोर जगतपुरा मतदान केंद्र पर पहुंचे। एक आम नागरिक की तरह उन्होंने अपनी बारी का इंतजार किया और पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री के मतदान केंद्र पर पहुंचते ही वहां मौजूद मतदाताओं में भी एक अलग उत्साह देखने को मिला। कई स्थानीय लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई और लोकतंत्र के इस उत्सव में उनके साथ सहभागिता पर खुशी जताई।
मतदान के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया और वहां मौजूद नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता के एक-एक वोट में निहित है। जब राज्य का मुखिया खुद अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए बूथ तक पहुंचता है, तो यह संदेश दूर-दूर तक जाता है कि देश और प्रदेश के विकास में हर एक नागरिक की वोट रूपी ताकत कितनी कीमती है।
'पहले मतदान, फिर जलपान' का संदेश
मतदान करने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के माध्यम से प्रदेश के समस्त मतदाताओं के नाम एक विशेष अपील जारी की थी। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र का यह महापर्व केवल एक चुनावी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह भविष्य की रूपरेखा तय करने का सबसे बड़ा माध्यम है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने जरूरी कामों को थोड़ा रोककर सबसे पहले मतदान केंद्र का रुख करें। मुख्यमंत्री का यह 'पहले मतदान, फिर अन्य कार्य' वाला मूलमंत्र सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसका पालन करते हुए सुबह से ही बूथों की ओर बढ़ रहे हैं।
दूसरे चरण में 147 निकायों के 4,774 वार्डों में फैसला
आपको बता दें कि राजस्थान में नगर निगम चुनाव 2026 के इस दूसरे और अंतिम चरण के तहत प्रदेश भर के कुल 147 निकायों के 4,774 वार्डों के लिए आज सुबह ठीक 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके, इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके और मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।
प्रशासन और चुनाव आयोग की अपील
राज्य निर्वाचन आयोग ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी और अन्य बाधाओं की परवाह किए बिना अपने मताधिकार का प्रयोग करें। आयोग के अनुसार, इस बार युवा और महिला मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पिछले कुछ घंटों में कई मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें इस बात की गवाही दे रही हैं कि जनता अपने शहर की सरकार चुनने के लिए पूरी तरह जागरूक हो चुकी है।
- कुल निकाय: 147
- कुल वार्ड: 4,774
- मतदान का समय: सुबह 7 बजे से शाम तक
- मुख्य संदेश: शत-प्रतिशत मतदान और लोकतंत्र की मजबूती
राजनीतिक दलों की सांसें अटकीं, अब परिणामों पर टिकी नजरें
इस अंतिम चरण के मतदान के साथ ही मैदान में उतरे तमाम दिग्गजों और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम या मतपेटी में कैद हो जाएगी। राजनीतिक दलों के नेताओं ने पिछले कई हफ्तों से जो धुआंधार प्रचार अभियान चलाया था, उसका फैसला अब जनता के हाथों में है। दूसरे चरण के मतदान का यह प्रतिशत शाम तक और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव कई मायनों में अहम है क्योंकि शहरी इलाकों की स्थानीय समस्याएं जैसे कि सीवर, पानी, सड़क और सफाई जैसे मुद्दे जनता के मुख्य केंद्र में रहे हैं। अब देखना यह होगा कि शाम को जब मतदान के आंकड़े सामने आएंगे, तो किस शहर की जनता ने बदलाव के पक्ष में और किसने विकास के नाम पर मुहर लगाई है। फिलहाल पूरे प्रदेश में मतदान को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और हर कोई अपने मताधिकार का कर्तव्य निभा रहा है।