जापान के आइची-नागोया शहर में आयोजित हो रहे महामुकाबले यानी एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट के आठवें दिन यानी आज 27 सितंबर 2026 को भारतीय दल ने कई मोर्चों पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। एक तरफ जहां रिंग से देश के लिए बेहद खुशखबरी सामने आई है और बॉक्सिंग में भारत का पहला मेडल पक्का हो गया है, वहीं दूसरी तरफ स्क्वैश कोर्ट में भी तिरंगा लहराने की पूरी उम्मीद है।
बॉक्सिंग रिंग में अंकुश का कमाल, देश के नाम किया पहला मेडल
भारत के युवा और आक्रामक बॉक्सर अंकुश ने एशियाई खेलों में देश का खाता खोलते हुए बॉक्सिंग का पहला मेडल पक्का कर दिया है। पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अंकुश ने अपने प्रतिद्वंद्वी नेक्रुज सलीमोव को धूल चटा दी। इस शानदार जीत के साथ ही उन्होंने सेमीफाइनल में अपनी पक्की जगह बना ली है और भारत के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय कर दिया है। अंकुश की इस सफलता के बाद से पूरे देश के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है और अब उम्मीद की जा रही है कि वे इस मेडल के रंग को और ज्यादा चमकाते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाएंगे।
स्क्वैश कोर्ट में अभय सिंह और अनाहत सिंह से गोल्ड की उम्मीद
आज का दिन भारतीय स्क्वैश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा सकता है। भारत के स्टार खिलाड़ी अभय सिंह और युवा सनसनी अनाहत सिंह अपने-अपने सिंगल्स इवेंट के फाइनल मुकाबलों में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों ही खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अपने खेल के स्तर से विरोधियों को हैरान किया है। देश की निगाहें अब इन दोनों पर टिकी हैं क्योंकि इनसे स्वर्ण पदक (Gold Medal) की सबसे मजबूत उम्मीद लगाई जा रही है। इसके अलावा एक अन्य मिक्स्ड डबल्स स्क्वैश मुकाबले में भी भारतीय जोड़ी मैदान पर अपनी चुनौती पेश करेगी।
एथलेटिक्स में भारतीय धावकों का शानदार प्रदर्शन
ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भी भारतीय एथलीटों का जलवा देखने को मिला है। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ (Hurdles) के सेमीफाइनल और फाइनल की राह में संतोष कुमार तमिलरासन ने बेहतरीन फॉर्म दिखाई। उन्होंने अपनी हीट में 49.61 सेकंड का शानदार समय निकालते हुए दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल के लिए आसानी से क्वालिफाई कर लिया।
महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज ने भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। विथ्या ने अपनी हीट में 55.73 सेकंड का समय दर्ज करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया और फाइनल का टिकट कटा लिया। हालांकि, इसी इवेंट में उतरीं अनु राघवन को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। मैराथन रेस वॉक में मंजू रानी ने कड़े संघर्ष के बाद 3:40:17 का समय लेकर छठा स्थान हासिल किया, जबकि उनकी साथी एथलीट प्रियंका गोस्वामी 9 किलोमीटर के पड़ाव पर डिस्क्वालिफाई होकर बाहर हो गईं।
तीरंदाजी में मिक्स्ड टीमों का धमाकेदार सफर जारी
ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले जा रहे तीरंदाजी मुकाबलों में भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। कंपाउंड महिला और पुरुष मिक्स्ड टीमों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। चिकिथा तानिपार्थी और साहिल जाधव की कंपाउंड मिक्स्ड जोड़ी ने राउंड ऑफ 16 में मंगोलिया की टीम को 160-146 के बड़े अंतर से मात दी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी इस जोड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए कजाकिस्तान को 159-154 से शिकस्त दी और आखिरी चार में अपनी जगह पक्की कर ली।
बैडमिंटन और फेंसिंग में निराशा, पीवी सिंधु और अन्य का अभियान समाप्त
एक तरफ जहां पदक की उम्मीदें हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को हार का सामना भी करना पड़ा है, जिससे फैंस का दिल टूटा है।
- बैडमिंटन सिंगल्स: महिला सिंगल्स के बेहद कड़े क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की दिग्गज खिलाड़ी पीवी सिंधु को चीन की मजबूत खिलाड़ी चेन यू फेई के हाथों 21-11, 18-21, 10-21 से हार झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही बैडमिंटन सिंगल्स में भारत का सफर समाप्त हो गया है।
- बैडमिंटन डबल्स: महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को दुनिया की नंबर-5 मलेशियन जोड़ी पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन के खिलाफ 18-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। मिक्स्ड डबल्स में तनीषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी भी दुनिया की नंबर-1 चीनी जोड़ी के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद हारकर बाहर हो गई।
- फेंसिंग (तलवारबाजी): महिला सेबर फेंसिंग टीम इवेंट के क्वार्टर फाइनल में सी.ए. भवानी देवी, श्रेया गुप्ता, जेफरलिन जानी रेक्सलिन सिमला और श्रुति जोशी की भारतीय चौकड़ी को उज्बेकिस्तान के खिलाफ 35-45 से हार का सामना करना पड़ा और उनका अभियान यहीं थम गया।
- कुराश: कुराश इवेंट में भी भारत के लिए दिन अच्छा नहीं रहा। चारों भारतीय एथलीट अपने-अपने पहले मुकाबले हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं।
फिलहाल, पूरा देश बॉक्सिंग रिंग और स्क्वैश कोर्ट की तरफ टकटकी लगाए बैठा है, जहां से आज शाम तक देश के लिए कुछ ऐतिहासिक स्वर्ण पदक आने की पूरी संभावना बनी हुई है।