इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का क्रेज देश भर में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही इनसे जुड़ी सुरक्षा चिंताएं भी अब हर घर की दहलीज तक पहुंचती दिख रही हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसा ही डरावना मामला सामने आया है, जिसने वाहन चालकों और खासकर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन मालिकों की नींद उड़ा दी है। यहाँ एक घर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी अचानक रहस्यमयी तरीके से तेज धमाके के साथ फट गई। इस दुर्घटना में आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते वहां खड़ी तीन अन्य गाड़ियां भी इसकी चपेट में आकर जलकर पूरी तरह राख हो गईं। गनीमत यह रही कि इस भयंकर हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, वरना एक बड़ा परिवार पलभर में तबाह हो सकता था।
रात के सन्नाटे में हुआ धमाका, दहल उठा पूरा मोहल्ला
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के घरों के लोग भी नींद से जागकर बाहर भाग आए। शुरुआती जांच में पता चला है कि स्कूटी को आम दिनों की तरह चार्जिंग पर लगाया गया था या फिर वह घर के एक कोने में खड़ी थी, तभी बैटरी के भीतर अत्यधिक तापमान (थर्मल रनअवे) बढ़ने के कारण यह भीषण विस्फोट हुआ। धमाके की गूंज काफी दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद तेज लपटें उठने लगीं। आग की इस तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पास में खड़ी अन्य गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं और कुछ ही मिनटों में लोहे और प्लास्टिक का वह ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।
बाल-बाल बचा परिवार, मची अफरा-तफरी
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हुए इस बड़े धमाके और उसके बाद तेजी से फैली आग ने पूरे घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। परिवार के मुखिया ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपनी जान बचाई और अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। यदि यह धमाका कुछ और मिनटों की देरी से नोटिस होता या परिवार नींद से जागने में थोड़ी भी चूक कर बैठता, तो यह हादसा एक बड़े जानलेवा संकट में बदल सकता था। आग की भयंकर लपटों को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर उठ रहे बड़े सवाल
यह कोई पहली बार नहीं है जब देश के किसी हिस्से से इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी फटने या उसमें आग लगने की खबर सामने आई हो। इससे पहले भी गर्मी के मौसम में या चार्जिंग के दौरान बैटरियों के फटने की अनगिनत घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
- घटिया क्वालिटी की सेल्स (Cells) और लोकल मैन्युफैक्चरिंग बैटरी सुरक्षा के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं।
- ओवरचार्जिंग यानी बैटरी फुल होने के बाद भी उसे लंबे समय तक प्लग में लगाए रखना।
- पर्याप्त कूलिंग सिस्टम का अभाव और तापमान में अचानक वृद्धि (Thermal Runaway)।
- अनधिकृत या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करना जो वोल्टेज फ्लक्चुएशन को सहन नहीं कर पाते।
प्रशासन और विशेषज्ञों की कड़ी चेतावनी
इस ताजा घटना के बाद बाराबंकी जिला प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतें। विशेषकर रात के समय घर के अंदर या बंद कमरों में गाड़ियों को चार्जिंग पर लगाने से परहेज करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि चार्जिंग हमेशा हवादार स्थानों पर करनी चाहिए और कंपनी द्वारा अधिकृत (Authorized) चार्जर का ही उपयोग किया जाना चाहिए। यदि बैटरी में जरा सी भी एनॉर्मल हीटिंग या धुआं दिखाई दे, तो तुरंत उसकी जांच किसी एक्सपर्ट से करवानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल, पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रहा है कि आखिर बैटरी में यह विस्फोट किन तकनीकी कारणों से हुआ था।