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भागलपुर में गंगा की सैर: 20 हजार यात्रियों ने भरी हुंकार, जाने में डेढ़ घंटा तो लौटने में लगे 15 मिनट

भागलपुर में गंगा की सैर: 20 हजार यात्रियों ने भरी हुंकार, जाने में डेढ़ घंटा तो लौटने में लगे 15 मिनट

बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के चार महीने के पुनर्निर्माण ब्लॉक के बाद शुरू हुई फेरी सेवा ने पहले ही दिन इतिहास रच दिया है। बियाडा घाट और नवगछिया के जाह्नवी चौक घाट के बीच गंगा की लहरों पर सफर करने के लिए मुसाफिरों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि परिवहन व्यवस्था की पूरी तस्वीर ही बदल गई। केवल एक दिन के भीतर 20 हजार से अधिक यात्रियों ने इस जलमार्ग के जरिए अपनी यात्रा पूरी की। इस नई व्यवस्था ने जहां एक ओर सेतु बंद होने से होने वाली परेशानियों को कम किया है, वहीं दूसरी ओर गंगा की तेज धारा और रोमांचक सफर ने यात्रियों को एक नया अनुभव भी दिया है।

चार किलोमीटर का जलमार्ग और उमड़ा मुसाफिरों का हुजूम

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अनुसार, बियाडा घाट और जाह्नवी चौक घाट के बीच की कुल दूरी लगभग चार किलोमीटर है। जिला प्रशासन द्वारा अनुबंधित आठ बड़े जहाजों ने पहले दिन ताबड़तोड़ करीब 20 ट्रिप लगाए। इन जहाजों पर रोजाना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोग, कॉलेज के शिक्षक, प्रोफेसर और सैकड़ों बाइक सवार अपनी गाड़ियों के साथ सवार हुए। पहले दिन की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि जनता इस वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही इसके सामने कुछ प्राकृतिक चुनौतियां क्यों न खड़ी हों।

गंगा के उफान और तेज धारा का असर: समय और गति का गणित

मानसून और भौगोलिक कारणों से गंगा नदी में जलस्तर और तेज बहाव का सीधा असर जहाजों के परिचालन पर साफ देखा गया। जाह्नवी चौक से बियाडा घाट की ओर आते वक्त (डाउनस्ट्रीम) जहाजों को पानी की धारा का पूरा साथ मिला। इस दिशा में जहाजों की रफ्तार करीब सात नॉट यानी 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिससे यात्री औसतन 55 से 60 मिनट में भागलपुर छोर पर पहुंच गए।

इसके विपरीत, जब जहाज बियाडा से जाह्नवी चौक की ओर (अपस्ट्रीम) रवाना हुए, तो उन्हें गंगा के विपरीत प्रवाह के तीखे प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। इस दिशा में पानी के तेज दबाव के कारण जहाजों की गति घटकर महज एक से दो नॉट रह गई। नतीजा यह हुआ कि इस तरफ का सफर डेढ़ से दो घंटे का हो गया। जहाज संचालकों को तेज बहाव से बचने के लिए बाबूपुर के पास से अप-स्ट्रीम में जहाज को चढ़ाकर चलाना पड़ा। सुबह 6:28 बजे रवाना होने वाला पहला जहाज 'स्वामी परमहंस' इसी संघर्ष के कारण दो घंटे सात मिनट में जाह्नवी चौक पहुंच सका था।

IWAI ने संभाली कमान, जारी हुआ प्रमाणित रूट चार्ट

राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) के इस हिस्से में लगातार बदलते जलस्तर, अंडरवाटर करंट और सिल्ट जमाव को देखते हुए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्राधिकरण के भागलपुर उप-कार्यालय ने जिला प्रशासन और सभी जहाज ऑपरेटरों को हाइड्रोग्राफिक सर्वे के आधार पर एक प्रमाणित 'रूट चार्ट' सौंप दिया है।

पहले दिन का जलमार्ग रिपोर्ट कार्ड: एक नजर में आंकड़े

  • कुल जलमार्ग दूरी: करीब 4 किलोमीटर (बियाडा घाट से जाह्नवी चौक घाट)
  • संचालित जहाज: 08 प्रमुख जहाज (कुल 20 ट्रिप)
  • यात्रियों की संख्या: 20,000 से अधिक दैनिक यात्री और सैकड़ों बाइक
  • डाउनस्ट्रीम गति (जाह्नवी से बियाडा): 7 नॉट (12-15 किमी/घंटा), समय: 55-60 मिनट
  • अपस्ट्रीम गति (बियाडा से जाह्नवी): 1-2 नॉट, समय: 1.5 से 2 घंटे
  • स्पीड बोट परिचालन: 12 फेरे (प्रति ट्रिप 75 यात्री), जाने में 1 घंटा, लौटने में 15 मिनट

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नेविगेशन में किसी भी तरह की तकनीकी बाधा या पानी की गहराई (ड्राफ्ट) से जुड़ी समस्या आने पर जहाज के कप्तान सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए एक विशेष तकनीकी टीम को ऑन-कॉल तैनात किया गया है ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो.

स्पीड बोट का रोमांच: जाने में लगा एक घंटा, लौटने में केवल 15 मिनट

बड़े जहाजों के अलावा बियाडा और जाह्नवी चौक के बीच दौड़ रही स्पीड बोट्स ने यात्रियों के बीच खासा रोमांच पैदा कर दिया। गंगा की तेज लहरों को चीरती हुई जब स्पीड बोट आगे बढ़ी, तो उसमें बैठे लोगों का उत्साह देखने लायक था। एक बोट संचालक ने बताया कि उन्होंने पूरे दिन में कुल 12 फेरे लगाए और हर फेरे में औसतन 75 यात्री सवार हुए।

बियाडा से जाह्नवी चौक जाने में स्पीड बोट को भी करीब एक घंटा लगा, लेकिन वापसी के सफर में अनुकूल धारा का ऐसा साथ मिला कि बोट ने वही दूरी महज 15 मिनट के रिकॉर्ड समय में तय कर ली। इस बोट यात्रा का आनंद लेने वाले अधिकांश यात्री शिक्षक और नौकरीपेशा लोग थे। उनका कहना था कि रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच गंगा की सैर ने उनके मन को तरोताजा कर दिया। हालांकि, कुछ यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि जाह्नवी चौक घाट पर बेहतर एप्रोच रोड और लाइटिंग की व्यवस्था न होने से उन्हें थोड़ी परेशानी उठानी पड़ी, जिस पर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।

किराए को लेकर स्थिति स्पष्ट

प्रशासन की ओर से पहले ही साफ कर दिया गया है कि यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए यह फेरी सेवा पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है। वहीं, बाइक चालकों को 50 रुपये और कार चालकों को 700 रुपये किराया चुकाना होगा ताकि आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे और विक्रमशिला सेतु के बंद रहने पर आम जनता को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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