बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के खेल मैदान पर इस समय ऊर्जा और उत्साह का एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को परिसर के भीतर बहुप्रतीक्षित 'इंटर फैकल्टी वॉलीबॉल प्रतियोगिता' का औपचारिक और शानदार आगाज हो गया। उद्घाटन समारोह के पहले ही दिन विभिन्न संकायों से आए खिलाड़ियों ने अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन कोर्ट समन्वय से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता के इस महाकुंभ में शिरकत करने के लिए युवा खिलाड़ियों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है, जो यह साबित करता है कि शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल कितने जरूरी हैं।
शानदार शुरुआत और खिलाड़ियों का उत्साह
प्रतियोगिता के पहले मुकाबले की सीटी बजते ही खिलाड़ियों का जोश देखने लायक था। दोनों ही टीमों ने एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष किया। स्मैश, ब्लॉक और डाइविंग डिफेंस के शानदार नजारों ने वहां मौजूद खेल प्रेमियों और छात्रों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और खेल परिषद के प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर इस आयोजन की शुरुआत की।
इस मौके पर अपने संबोधन में आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा बढ़ाते हैं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क जैसे गुणों का भी विकास करते हैं। पढ़ाई के तनाव से दूर खेल के मैदान पर यह मुकाबला छात्रों के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है।
मैच के मुख्य आकर्षण और रणनीति
पहले दिन खेले गए मैचों में कुछ विभागों की टीमों ने अपनी तकनीकी महारत से सबको हैरान कर दिया। कोचों द्वारा बनाई गई रणनीतियां मैदान पर पूरी तरह सफल होती नजर आईं। खिलाड़ियों की फुर्ती और उनके सटीक सर्व ने विपक्षी टीम को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
- तेज तर्रार स्मैश: खिलाड़ियों द्वारा हवा में लगाए गए जंप स्मैश आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।
- शानदार डिफेंस: मुश्किल गेंदों को जमीन पर गिरने से बचाने के लिए खिलाड़ियों ने गजब की डाइव लगाई।
- टीम कोऑर्डिनेशन: हर टीम का आपसी तालमेल देखने लायक था, जिससे खेल का स्तर काफी ऊंचा उठा।
दर्शक दीर्घा में गूंजे नारे
मैदान के चारों ओर अपने-अपने संकाय की टीमों का समर्थन करने पहुंचे छात्रों की भीड़ ने माहौल को पूरी तरह से जीवंत बना दिया। हर सफल शॉट पर तालियों की गड़गड़ाहट और हूटिंग से पूरा परिसर गूंज उठा। छात्र-छात्राएं हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी टीमों का हौसला बढ़ाते नजर आए। यह नजारा किसी बड़े नेशनल टूर्नामेंट से कम नहीं लग रहा था, जहां खेल के प्रति जुनून चरम पर होता है।
आगामी मुकाबलों पर टिकी निगाहें
पहले दिन के सफल और रोमांचक मैचों के बाद अब खेल प्रेमियों की निगाहें आगामी मुकाबलों पर टिक गई हैं। जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ेगी, मुकाबला और अधिक कड़ा और दिलचस्प होता जाएगा। नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए सभी संकायों की टीमें अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का टूर्नामेंट पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है, क्योंकि इस साल भाग लेने वाले खिलाड़ियों की फिटनेस और स्किल का स्तर बेहद ऊंचा है। विश्वविद्यालय खेल परिषद ने सभी मैचों के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संचालन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि खेल भावना सर्वोपरि रहे।