इश्क की हदें और सरहदें जब भी पार होती हैं, तो कई बार कहानियों का अंत बेहद नाटकीय और हैरान करने वाला होता है। झारखंड और बिहार की सीमाओं से जुड़े एक इलाके में इन दिनों कुछ ऐसा ही मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां लोग इसे सामाजिक मर्यादाओं की दुहाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कानून को हाथ में लेने वाले ग्रामीणों के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला झारखंड के गिरिडीह जिले का है, जहां बिहार से अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचे एक युवक की ग्रामीणों ने ऐसी गत बनाई कि उसका वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है।
गुप्त मुलाकात पर पड़ी ग्रामीणों की पैनी नजर
घटना गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झाराढाब गांव की है। मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर (बिशनपुर) इलाके का रहने वाला 22 वर्षीय मुस्कान कुमार मांझी अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए लंबी दूरी तय कर झारखंड के इस सुदूर गांव जा पहुंचा था। बताया जा रहा है कि प्रेमिका एक शादीशुदा महिला है और दोनों के बीच पहले से ही मेल-मिलाप का सिलसिला चल रहा था। लेकिन, इस बार उनकी यह गुप्त मुलाकात गांव के सतर्क और जागरूक लोगों से छुप नहीं पाई।
जैसे ही गांव के कुछ लोगों को इस बात की भनक लगी कि महिला के घर में कोई बाहरी युवक आया है, उन्होंने बिना देर किए मोर्चा संभाल लिया। देखते ही देखते घर के बाहर ग्रामीणों का हुजूम इकट्ठा हो गया। सतर्क ग्रामीणों ने बिना किसी चूक के घर को घेर लिया और अंदर मौजूद युवक को रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद महिला को भी घर से बाहर बुला लिया गया, जिसके बाद वहां का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
पेड़ से बांधकर की गई पूछताछ और मारपीट
मामला तब और अधिक हिंसक हो गया जब गुस्साए ग्रामीणों ने किसी भी तरह की समझदारी या पंचायत बैठाने के बजाय खुद ही सजा देने का फैसला कर लिया। भीड़ ने कानून को अपने हाथों में लेते हुए दोनों प्रेमी जोड़े को एक पेड़ से मजबूती से बांध दिया। आरोप है कि पेड़ से बांधकर उनसे घंटों पूछताछ की गई और इस दौरान उनके साथ शारीरिक मारपीट भी की गई।
इस पूरी अफरा-तफरी के बीच, भीड़ में मौजूद किसी शातिर शख्स ने इस अमानवीय घटना का पूरा वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। चंद घंटों के भीतर ही यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
पुलिस की एंट्री और त्वरित कार्रवाई
ग्रामीणों के हंगामे और कानून को अपने हाथ में लेने की सूचना जैसे ही गावां थाना पुलिस को मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। गावां थाना प्रभारी जय प्रकाश कुमार ने तुरंत एक पुलिस टीम का गठन किया और दल-बल के साथ फौरन मौके के लिए रवाना हो गए। पुलिस जब झाराढाब गांव पहुंची, तो वहां भारी भीड़ जमा थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ के चंगुल से दोनों को सुरक्षित छुड़ाया और अपने साथ गावां थाना ले आई।
थाना लाए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली और दोनों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने इस घटना की सूचना तुरंत बिहार में रह रहे युवक के परिजनों को भी दे दी है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि कानून को हाथ में लेकर किसने मारपीट की और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किसने किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और वायरल करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और जनता प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद से ही इंटरनेट मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ जहां कुछ लोग ग्रामीण परिवेश में सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बुद्धिजीवी वर्ग और कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी नागरिक को कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं है। यदि कोई विवाद या मामला था, तो उसे पुलिस या स्थानीय प्रशासन के सुपुर्द किया जाना चाहिए था, न कि सरेआम किसी को पेड़ से बांधकर पीटा जाना चाहिए और उसका वीडियो वायरल किया जाना चाहिए।
फिलहाल, गावां पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। महिला के परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सोशल दौर में जरा सी चूक या अति-उत्साह कितनी भारी पड़ सकती है। पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब पूरे इलाके की नजरें टिकी हुई हैं।