झारखंड की राजनीति से इस वक्त की बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का निधन हो गया है। उन्होंने रांची के प्रतिष्ठित हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा की गई है, जिसके बाद से पूरे राजनीतिक गलियारे और सोरेन परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
अस्पताल के डॉक्टरों ने दी दुखद जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपी सोरेन लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। रांची के हिल व्यू अस्पताल के डॉक्टर दीपक गुप्ता और डॉक्टर उज्जवल राय ने उनके निधन की पुष्टि की। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
रूपी सोरेन झारखंड के राजनीतिक इतिहास के सबसे कद्दावर और प्रमुख चेहरों में से एक, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी थीं। उनके जाने से एक युग का अंत जैसा महसूस हो रहा है, क्योंकि उन्होंने झारखंड आंदोलन के शुरुआती दौर से लेकर राजनीतिक संघर्ष तक हर कदम पर शिबू सोरेन और अपने परिवार का मजबूती से साथ निभाया था।
ब्रेन और किडनी से जुड़ी परेशानियों से थीं पीड़ित
चिकित्सकीय सूत्रों के मुताबिक, रूपी सोरेन को पिछले कुछ समय से ब्रेन और किडनी (गुर्दे) से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें पहले हैदराबाद के एक उच्चस्तरीय अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था, जहां उनका लंबा इलाज चला।
हाल ही में उन्हें हैदराबाद से रांची लाया गया था। रांची लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा था, जिसके तुरंत बाद उन्हें रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल के वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। बुधवार को उनकी स्थिति और ज्यादा नाज़ुक हो गई और उन्होंने अंततः अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
सोरेन परिवार और समर्थकों में शोक की लहर
माता रूपी सोरेन के निधन की खबर फैलते ही झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में शोक की भारी लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास और रांची के हिल व्यू अस्पताल के बाहर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का जुटना शुरू हो गया है। हर कोई इस कठिन समय में सोरेन परिवार को सांत्वना देने और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के तमाम वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, मंत्रियों के अलावा विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने भी रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार संवेदनाएं व्यक्त करने का सिलसिला जारी है।
झारखंड आंदोलन की साक्षी थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन को केवल एक मुख्यमंत्री की मां या पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी के रूप में ही नहीं, बल्कि झारखंड के उस दौर की एक मजबूत महिला के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया। जब शिबू सोरेन झारखंड अलग राज्य के लिए आंदोलन की अलख जगा रहे थे, तब रूपी सोरेन ने परिवार और घर की कमान पूरी मजबूती से संभाली थी। ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखने वाली रूपी सोरेन हमेशा सादगी की मिसाल रहीं।
उनके निधन से न केवल सोरेन परिवार को एक अपूरणीय क्षति हुई है, बल्कि झारखंड की राजनीति ने एक ऐसी मार्गदर्शक को खो दिया है जो परदे के पीछे रहकर हमेशा परिवार और समाज की ताकत बनी रहीं। अंतिम संस्कार और पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए ले जाने की तैयारियों को लेकर परिवार और प्रशासन द्वारा औपचारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी।