देश का भविष्य आज किस दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की क्या भूमिका होनी चाहिए, इसे लेकर उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद अहम संदेश सामने आया है। वर्तमान समय में जब पूरी युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और रील्स की दुनिया में व्यस्त नजर आती है, तब देश के नीति-निर्माताओं और राजनीतिक नेतृत्व ने उन्हें यथार्थ यानी 'रियल' जीवन की वास्तविक ताकतों से जुड़ने का आह्वान किया है। मामला सोमवार, 21 सितंबर 2026 का है, जब मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में एक भव्य 'युवा संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश की युवा शक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बदलते भारत की तस्वीर पर खुलकर चर्चा की गई।
रील्स के दौर में 'रियल' पसंद कर रहा है आज का युवा
कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं की सोच और उनकी कार्यशैली पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा भले ही सोशल मीडिया और 'रील्स' के आधुनिक दौर में जी रहा हो, लेकिन उसकी वास्तविक पसंद हमेशा से 'रियल' और यथार्थ ही रही है। युवाओं की इसी ऊर्जा, उनके अनोखे नवाचार (Innovation) और उनके दृढ़ संकल्प से ही वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' के सपने को असल जामा पहनाया जा सकता है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र देते हुए पांच सबसे बड़े आधार गिनाए। उनके अनुसार, जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य, संकल्प, अध्ययन, अनुभव और धैर्य का होना अनिवार्य है। उन्होंने आज की पीढ़ी को चेतावनी देते हुए शॉर्टकट के रास्ते से पूरी तरह बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और जो युवा शॉर्टकट चुनते हैं, उनकी सफलता कभी स्थायी नहीं होती।
योग, नशा-मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
नितिन नवीन ने केवल किताबी ज्ञान या करियर की बात नहीं की, बल्कि युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी छात्रों से अपनी दैनिक जीवनचर्या में योग और ध्यान को अनिवार्य रूप से शामिल करने की अपील की। इसके साथ ही, समाज के लिए नासूर बन रही नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ मुखर होने को कहा। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे हाल ही में 15 अगस्त से देश भर में 'नशा-मुक्ति अभियान' की शुरुआत की गई है, जिससे हर युवा को जुड़ना चाहिए।
पर्यावरण के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाए बिना किसी भी देश का वास्तविक विकास संभव नहीं है।
उत्तर प्रदेश में शुरू होगा 'सीमा दर्शन' कार्यक्रम
युवाओं के भीतर देशप्रेम और सेना के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करने के लिए एक नायाब सुझाव सामने आया। भाजपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 'सीमा दर्शन' कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने समझाया कि जब युवा देश की सीमाओं पर जाकर विपरीत और कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे हमारे वीर जवानों को देखेंगे, तो उनके भीतर राष्ट्रभावना और समर्पण की जो लौ जलेगी, वह किसी अन्य चीज से संभव नहीं है।
मेरठ की बदली तस्वीर: अपराध के गढ़ से खेल उपकरणों के हब तक
डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने विशेष रूप से मेरठ शहर के कायापलट का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि एक दौर ऐसा था जब मेरठ को आपराधिक गतिविधियों और माफियाओं के केंद्र के रूप में जाना जाता था। लेकिन आज वह अपनी उस पुरानी और डरावनी छवि को पीछे छोड़ चुका है।
आज उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण मेरठ पूरी दुनिया में खेल के सामानों के निर्माण के लिए एक वैश्विक हब बन चुका है। विशेष रूप से यहां बनने वाले क्रिकेट बैट और हॉकी स्टिक की मांग आज पूरी दुनिया में है, जो स्थानीय कारीगरों और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही है।
नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे हैं युवा
पिछले एक दशक में देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में आए क्रांतिकारी बदलावों के आंकड़े पेश करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि मोदी सरकार ने केवल देश का ढांचा नहीं बदला, बल्कि देशवासियों की सोच को भी पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले 10-12 वर्षों के भीतर देश का युवा अब 'जॉब सीकर' (नौकरी मांगने वाला) नहीं रहा, बल्कि वह 'जॉब प्रोवाइडर' (नौकरी देने वाला) बन चुका है।
- भारत में आज 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं।
- वैश्विक स्तर पर भारत के यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स पूरी दुनिया में नेतृत्व कर रहे हैं।
- देश में 10 साल पहले मेडिकल सीटों की संख्या मात्र 60 हजार हुआ करती थी, जो आज बढ़कर 1.5 लाख से भी अधिक हो चुकी है।
- विश्वविद्यालयों की कुल संख्या 400 के आंकड़े को पार करते हुए अब 1,100 से भी ज्यादा हो गई है।
आयात पर निर्भर रहने वाला देश अब बन रहा है निर्यातक
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि जो भारत कभी अपनी हर छोटी-बड़ी तकनीक और जरूरत के लिए दूसरे देशों के आयात पर निर्भर रहता था, वह आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है। रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' की नीति रंग ला रही है और आज देश से 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा उपकरणों का निर्यात किया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी मिसाल है।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया जा रहा है। देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है, 12 करोड़ माताओं-बहनों के घरों में इज्जतघर यानी शौचालय बनवाए गए हैं, और 3 करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाकर पूरी तरह स्वावलंबी बनाने का अभूतपूर्व कार्य किया गया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्रियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित इस विशाल युवा संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इन सभी ने एक स्वर में युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के निर्माण में अपनी पूरी ताकत झोंक दें और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी ऊर्जा को सही दिशा दें।
कार्यक्रम के अंत में भाजपा अध्यक्ष ने तमाम छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे भारत के स्पेस सेक्टर, आधुनिक इनोवेशन और तेज विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा के मूक दर्शक न बनें, बल्कि इसके सक्रिय हिस्सेदार बनकर देश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।