डिजिटल युग में तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधियों के नए-नए और शातिर तरीके भी सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स अब ठगों का नया अड्डा बन चुके हैं। ताजा मामला राजधानी जयपुर से सामने आया है, जहां टेलीग्राम पर पार्ट टाइम काम और ऑनलाइन गेमिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर एक युवक से एक लाख पचहत्तर हजार रुपये ठग लिए गए। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन फ्रॉड के प्रति आम जनता को सचेत कर दिया है कि कैसे मामूली लालच बड़ा नुकसान करवा सकता है।
टेलीग्राम पर आया था आकर्षक मैसेज
भट्टाबस्ती थाना इलाके में सामने आई इस ठगी की वारदात के शिकार शास्त्री नगर के विजय नगर निवासी 36 वर्षीय इमरान खान हुए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, बीते 29 अगस्त को उनके टेलीग्राम अकाउंट पर एक मैसेज आया था। इस मैसेज में घर बैठे पार्ट टाइम काम करके रोजाना दो सौ से पांच सौ रुपये तक की कमाई करने का लुभावना दावा किया गया था।
बेरोजगारी और अतिरिक्त आमदनी की चाहत में इमरान ने उस मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक पर क्लिक करते ही उन्हें तुरंत एक अज्ञात टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में पहले से ही कई अन्य लोग जुड़े हुए थे, जो लगातार मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे ताकि नए शिकार का भरोसा आसानी से जीता जा सके।
टास्क दर टास्क का खेल और बढ़ता गया लालच
ग्रुप में शामिल होने के बाद साइबर ठगों ने अपना जाल बिछाना शुरू किया। इमरान को एक ऑनलाइन गेम खेलने के लिए कहा गया और शुरुआत में यह लालच दिया गया कि यदि वे दो हजार रुपये जमा करते हैं, तो उन्हें तुरंत पच्चीस सौ रुपये का रिटर्न मिलेगा।
- शुरुआती छोटे लालच में आकर पीड़ित ने पहली रकम जमा कर दी।
- लेकिन टास्क पूरा होने से पहले ही तकनीकी दिक्कत या नियम का बहाना बनाकर और पैसे मांगे गए।
- टास्क को पूरा दिखाने के लिए ठगों ने उन्हें 26,995 रुपये और जमा करने को कहा।
यहीं से ठगी का वह चक्रव्यूह शुरू हुआ जिससे बाहर निकलना पीड़ित के लिए नामुमकिन सा हो गया। एक बार पैसे फंसने के बाद इंसान मनोवैज्ञानिक रूप से अपने फंसे हुए पैसों को वापस पाने के लिए और पैसे लगाने को मजबूर हो जाता है, और यही रणनीति इन साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत होती है।
उधार लेकर जमा कराए पैसे, फिर भी नहीं मिला एक भी रुपया
ठगों ने इसके बाद लगातार नए-नए टास्क के नाम पर बड़ी रकम ऐंठनी शुरू कर दी। एक बार तो पीड़ित से 58,600 रुपये और जमा कराने को कहा गया। जब पीड़ित ने असमर्थता जताई, तो शातिर ठगों ने उन्हें किसी परिचित या रिश्तेदार से पैसे का इंतजाम करने की सलाह दी। उन्हें यह झूठा भरोसा दिलाया गया कि मात्र दस मिनट के भीतर जैसे ही नया टास्क पूरा होगा, उनके खाते में एक लाख छह हजार से ज्यादा रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
फंसे हुए पैसों को वापस पाने की उम्मीद में इमरान ने किसी तरह पैसों का जुगाड़ किया और वह रकम भी जमा करा दी। इसके तुरंत बाद ठगों ने एक और बड़ा टास्क थमा दिया और 85,600 रुपये की मांग की। जब पीड़ित ने मना किया तो उन्हें लालच दिया गया कि इस बार टास्क पूरा होते ही उनके खाते में सीधे दो लाख छह हजार रुपये आएंगे। लालच और मानसिक दबाव के आगे झुकते हुए पीड़ित ने यह रकम भी गंवा दी।
जब हुआ ठगी का अहसास, तब तक बहुत देर हो चुकी थी
लगातार मोटी रकम जमा कराने के बावजूद जब एक भी रुपया वापस नहीं मिला और ठग लगातार नए-नए टास्क के नाम पर पैसों का दबाव बनाते रहे, तब जाकर पीड़ित का सब्र टूट गया। परेशान होकर उन्होंने गेम खेलना पूरी तरह से बंद कर दिया।
मामले में नया मोड़ तब आया जब 15 सितंबर की सुबह उन्हें एक बार फिर टास्क पूरा करने के लिए कॉल आया। तंग आ चुके पीड़ित ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि वे बाज नहीं आए तो वे इसकी शिकायत सीधे पुलिस में दर्ज कराएंगे। पुलिस का नाम सुनते ही घबराए आरोपियों ने बिना देर किए उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और टेलीग्राम ग्रुप से भी हटा दिया। इसके बाद पीड़ित को समझ आया कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार बन चुके हैं।
भट्टाबस्ती थाने में मामला दर्ज, पुलिस की जांच शुरू
अपने साथ हुई ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित इमरान खान ने बिना वक्त गंवाए भट्टाबस्ती थाने पहुंचे और पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। भट्टाबस्ती थाने के एसएचओ सुरेन्द्र कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम ग्रुप्स और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन डिटेल्स को खंगालने में जुट गई है, जिनका इस्तेमाल इस ठगी के लिए किया गया था। शुरुआती जांच से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार देश के किसी अन्य राज्य या साइबर क्राइम के हॉटस्पॉट माने जाने वाले इलाकों से जुड़े हो सकते हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए बेहद जरूरी सावधानियां
इस तरह की घटनाएं लगातार यह याद दिलाती हैं कि इंटरनेट की दुनिया में बिना सोचे-समझे किसी भी लुभावने ऑफर के झांसे में नहीं आना चाहिए। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप भी सुरक्षित रहना चाहते हैं तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें:
- घर बैठे मोटी कमाई का वादा: कोई भी वास्तविक कंपनी घर बैठे केवल गेम खेलने या वीडियो लाइक करने के लिए हजारों-लाखों रुपये नहीं देती। ऐसे दावे शत-प्रतिशत फर्जी होते हैं।
- फंसे हुए पैसे निकालने की भूल न करें: यदि आपके पैसे किसी ऑनलाइन टास्क या गेम में फंस गए हैं, तो 'और पैसे डालने पर पुराने पैसे वापस मिल जाएंगे' इस धोखे में कभी न आएं। ऐसा करने से आप और अधिक दलदल में धंसते चले जाएंगे।
- तुरंत शिकायत करें: यदि आपके साथ किसी भी प्रकार का ऑनलाइन फ्रॉड हो जाता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
बदलते समय के साथ अपराधियों के तौर-तरीके भी आधुनिक हो गए हैं, ऐसे में हमारी थोड़ी सी जागरूकता ही हमारी सबसे बड़ी ढाल बन सकती है। जयपुर की यह घटना एक सख्त चेतावनी है कि ऑनलाइन दुनिया में हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती।