फुटबॉल प्रेमियों की धड़कनें एक बार फिर तेज हो चुकी हैं। कोलकाता के ऐतिहासिक साल्ट लेक स्टेडियम में आज भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम यानी ब्लू टाइगर्स का मुकाबला दो बार की विश्व विजेता उरुग्वे की टीम से होना है। कुछ दिनों पहले तक इस मुकाबले को लेकर शहर में वैसी सुगबुगाहट नहीं थी जैसी ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले देखने को मिली थी। हालांकि, ऐन वक्त पर एआईएफएफ (AIFF) के बड़े फैसलों और स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप ने खेल प्रेमियों में एक बार फिर नया जोश भर दिया है।
ब्रजील के खिलाफ खेले गए मुकाबले में स्टेडियम की कई कुर्सियां खाली रह गई थीं, जिससे फुटबॉल फेडरेशन को भी बड़ा सबक मिला। उरुग्वे के खिलाफ मैच की सुस्त टिकट बिक्री को गति देने के लिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने एक बड़ा कदम उठाया। मैच से कुछ ही दिन पहले कुछ चुनिंदा ब्लॉकों के टिकटों की कीमतों में भारी कटौती करते हुए उन्हें 90 प्रतिशत तक सस्ता कर दिया गया। जो टिकट कभी 1,999 रुपये में बिक रहे थे, वे घटकर मात्र 199 रुपये कर दिए गए। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के नेताओं और स्थानीय क्लबों के प्रयासों से भी प्रशंसकों को मैदान तक खींचने में मदद मिली, जिसके बाद टिकटिंग ऐप पर कई स्टैंड्स 'हाउसफुल' दिखने लगे।
उरुग्वे के खिलाफ मैच को लेकर क्यों थी चुनौती?
जानकारों का मानना है कि उरुग्वे के खिलाफ मुकाबले की मार्केटिंग ब्राजील जितनी आसान नहीं थी। दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल की इस ताकतवर टीम के पास इस समय ऐसा कोई वैश्विक सुपरपॉपुलर चेहरा नहीं है जिसे आम भारतीय फुटबॉल प्रशंसक तुरंत पहचान सके। रियल मैड्रिड के कप्तान फेडेरिको वाल्verde इस दौरे पर आने वाले थे, लेकिन चोटिल होने के कारण वह ऐन वक्त पर बाहर हो गए। इसके बावजूद, उरुग्वे की टीम में डार्विन नूनेज़ और रोनाल्ड अराउजो जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं, जो यूरोपियन फुटबॉल के बड़े नाम हैं।
उरुग्वे के कोच डिएगो फोर्डन भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। साल 2010 के फीफा विश्व कप के 'गोल्डन बॉल' विजेता फोर्डन अपने जमाने में इंडियन सुपर लीग (ISL) में मुंबई सिटी एफसी के लिए खेल चुके हैं। हाल ही में उरुग्वे की कमान संभालने वाले फोर्डन के सामने टीम को एक नए दौर में ले जाने की चुनौती है। विश्व कप के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह टीम अब पूरी तरह से संवरने की प्रक्रिया में है, हालांकि उन्होंने हाल ही में दक्षिण कोरिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी है।
'फुटबॉल में कोई भी मैच आसान नहीं' - डीगो फोर्डन
फीफा रैंकिंग में 138वें स्थान पर मौजूद भारत के खिलाफ मैच को भले ही कागज पर एकतरफा माना जा रहा हो, लेकिन उरुग्वे के कोच फोर्डन इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'फुटबॉल में कभी भी कोई मुकाबला आसान नहीं होता। हम मैदान पर उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर मैच का लुत्फ उठाएंगे।'
भारतीय टीम की तारीफ करते हुए फोर्डन ने कहा कि ब्लू टाइगर्स ने ब्राजील के खिलाफ जिस तरह का अनुशासन और खेल दिखाया था, वह सराहनीय था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'आप उनकी रणनीतिक जुगलबंदी, लंबी पासिंग और कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों को देख सकते हैं। अगर आप उन्हें समय और जगह देंगे, तो वे आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए आपको हर किसी का सम्मान करना होगा।'
ब्रजील मैच की सीख को मैदान पर उतारने उतरेगी टीम इंडिया
भारतीय कोच खालिद जमील और उनके खिलाड़ी ब्राजील के खिलाफ खेले गए मैच से सकारात्मक पहलुओं को चुनकर उरुग्वे के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं। कोच जमील ने स्पष्ट किया कि शुरुआती मिनटों में गोल न खाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
- डिफेंसिव अनुशासन: एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है, इसलिए खिलाड़ियों को पूरे 90 मिनट तक सतर्क रहना होगा।
- आक्रामक संतुलन: उरुग्वे की टीम डिफेंस और अटैक दोनों मोर्चों पर मजबूत है, इसलिए भारत को संभलकर आक्रामक रुख अपनाना होगा।
- अनुभवी खिलाड़ियों से पार पाना: डार्विन नूनेज़ की शानदार फॉर्म और रोनाल्ड अराउजो की रक्षात्मक दीवार को भेदना भारतीय फॉरवर्ड लाइन के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
साल्ट लेक स्टेडियम की गूंज और घरेलू दर्शकों का समर्थन एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों में ऊर्जा भरने का काम करेगा। ब्राजील के खिलाफ मिली सीख और जुझारूपन को यदि भारतीय टीम उरुग्वे के खिलाफ भी मैदान पर बरकरार रख पाई, तो यह मुकाबला एशियाई फुटबॉल मानचित्र पर भारत की स्थिति को और मजबूत कर सकता है। मैच की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ब्लू टाइगर्स एक और यादगार प्रदर्शन करने में कामयाब होते हैं या नहीं।