उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंख नम कर दी है। बलुआ थाना क्षेत्र के मथेला गांव में एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया। स्कूल से लौट रहे दो मासूम सगे भाई-बहन की नहर के गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
स्कूल से लौटते वक्त हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मथेला गांव निवासी गोविंद कुशवाहा के 9 वर्षीय पुत्र क्षितिज मौर्य और 4 वर्षीय पुत्री साक्षी मौर्य रोज की तरह स्कूल गए थे। स्कूल की छुट्टी के बाद जब वे लौटे, तो किसी काम या खेल-खेल में गांव के पास से गुजर रही नहर के किनारे पहुंच गए। यहीं पर यह अनहोनी घटित हुई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
खेलते-खेलते अचानक छोटी बच्ची साक्षी मौर्य का पैर फिसला और वह सीधे तेज बहाव और गहरे पानी वाली नहर में जा गिरी। अपनी आंखों के सामने बहन को डूबता देख 10 वर्षीय बड़े भाई क्षितिज का दिल दहल गया। उसने एक पल के लिए भी अपनी जान की परवाह नहीं की और बहन को बचाने के लिए खुद भी नहर में छलांग लगा दी।
भाई का बलिदान और गहरी होती टीस
मासूम क्षितिज ने अपनी जान की बाजी लगाकर बहन को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन नहर के पानी का तेज बहाव और अत्यधिक गहराई के आगे दोनों नासमझ बच्चे बेबस साबित हुए। दोनों पानी के तेज बहाव में संभल नहीं सके और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गए। भाई द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर बहन को बचाने की यह जिद अब पूरे गांव के लिए जिंदगी भर का नासूर और कभी न भरने वाला घाव बन गई है।
जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। नहर के पास बच्चों के होने की भनक लगते ही ग्रामीण मौके की तरफ दौड़े।
प्रशासन और ग्रामीणों की संयुक्त कोशिशें
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में ग्रामीण नहर के दोनों किनारों पर जुट गए और बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद एनडीआरएफ (NDRF) की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। ग्रामीणों और एनडीआरएफ की टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला।
बच्चों को बेहोशी की हालत में तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चहनिया पहुंचाया गया, जहां तैनात चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत जांच की। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों मासूमों को बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस तुरंत अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद घटना की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) सकलडीहा आकांक्षा सिंह ने भी तुरंत मौके का दौरा किया। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गोविंद कुशवाहा के घर में अब सिर्फ चीख-पुकार और मातम बचा है। जिन बच्चों की किलकारियों से घर गुलजार रहता था, जिन बच्चों के स्कूल से लौटने का माता-पिता रोज इंतजार करते थे, उनके शव घर लौटने से कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता सदमे में हैं। गांव का हर शख्स इस घटना के बाद गमगीन है।
