रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ खुल गया है। शुरुआती 10 मिनट में ही संस्थागत खरीदारों का कोटा फुल हो गया।
शेयर बाजार में इस बड़े निर्गम को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया। बुधवार को आईपीओ खुलने के महज 10 मिनट के भीतर ही पात्र संस्थागत खरीदारों यानी क्यूआईबी (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। सुबह 10 बजे तक इस श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 2.86 गुना बोलियां मिल चुकी थीं। इस आईपीओ के पूरा होने पर यह मूल्य के लिहाज से भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन जाएगा। इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के नाम दर्ज था।
आईपीओ का आकार और मूल्य दायरा
जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस आईपीओ के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए हैं, जिसके जरिए कंपनी की योजना लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की है। शेयरों का मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी मूल्य स्तर यानी 1,119 रुपये प्रति शेयर के आधार पर कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग 108 अरब डॉलर बैठता है। इस निर्गम में बिक्री पेशकश (OFS) शामिल नहीं है, जिसका अर्थ है कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटा रही है। यह आईपीओ बुधवार को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा।
एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी
सार्वजनिक निर्गम के बाजार में आने से पहले, सोमवार को जियो प्लेटफॉर्म्स ने बड़े एंकर निवेशकों के लिए शेयर आवंटित किए थे। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से लगभग 8,110 करोड़ रुपये के शेयर जारी किए थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों की तुलना में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी बोलियां प्राप्त हुई थीं। इस शुरुआती मांग के बाद ही बाजार की नजरें आईपीओ खुलने पर संस्थागत खरीदारों की गतिविधियों पर टिकी थीं।
प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी का बयान
आईपीओ से ठीक पहले मंगलवार को जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा यानी एआई (AI) और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं आने वाले समय में कारोबार की वृद्धि को तेज गति देंगी। उन्होंने जियो को केवल एक पारंपरिक दूरसंचार कंपनी के बजाय व्यापक और आधुनिक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में प्रस्तुत किया, जो डिजिटल सेवाओं और उद्यम प्रौद्योगिकी के जरिए अधिक राजस्व जुटाने की क्षमता रखती है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें और जोखिम
बाजार विशेषज्ञों और कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इतने बड़े आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करना चाहिए:
- महंगा वैल्यूएशन: ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर है। निवेशकों को यह परखना चाहिए कि यह मूल्यांकन कंपनी की कमाई के मुकाबले कितना उचित है।
- दूरसंचार कारोबार पर निर्भरता: वर्तमान में कंपनी की आय का एक बड़ा हिस्सा टेलीकॉम सेक्टर से आता है। भविष्य में डिजिटल सेवाओं और एआई से होने वाली कमाई की गति अहम होगी।
- प्रतिस्पर्धा और नियम: टेलीकॉम और डिजिटल बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ स्पेक्ट्रम, लाइसेंस और डेटा सुरक्षा से जुड़े नियामकीय नियमों में बदलाव भी कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं।
- ग्रे मार्केट और लंबी अवधि: ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अनौपचारिक होता है और इसमें तेजी से बदलाव संभव है। निवेशकों को केवल इस आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए, बल्कि कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) और अपनी जोखिम क्षमता को समझकर ही निर्णय करना चाहिए।