भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले एक हफ्ते के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमत में 3,004 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इस गिरावट के बाद सोना घटकर 1,46,426 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं दूसरी ओर, चांदी के दाम में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी एक हफ्ते में 10,191 रुपये प्रति किलो सस्ती होकर 2,10,918 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है, जबकि इससे पहले इसका भाव 2,21,109 रुपये प्रति किलो था।
सप्ताह के दौरान उतार-चढ़ाव के आंकड़े
IBJA के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 24 कैरेट सोने का सबसे ऊंचा भाव 12 अक्टूबर को सुबह के सत्र में 1,48,425 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। इसके बाद कीमतों में लगातार नरमी आई और 15 अक्टूबर को सुबह के सत्र में सोना घटकर 1,45,564 रुपये प्रति 10 ग्राम के साप्ताहिक निचले स्तर तक पहुंच गया।
इसी तरह, चांदी के मामले में भी 12 अक्टूबर को सुबह के सत्र में उच्चतम भाव 2,20,874 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया था। इसके बाद 15 अक्टूबर को सुबह के सत्र में चांदी की कीमत गिरकर 2,07,098 रुपये प्रति किलो के निचले स्तर पर आ गई थी। साप्ताहिक कारोबार के अंत में दामों में कुछ सुधार के बाद चांदी 2,10,918 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।
कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में आई इस कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण डॉलर मजबूत हुआ है और भविष्य में महंगाई बढ़ने की आशंकाएं गहरी हुई हैं। महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है, जिससे निवेशकों का रुख बदला है।
ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सोने और चांदी में मुनाफावसूली या बिकवाली कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर डॉलर सूचकांक की चाल और आर्थिक अनिश्चितताओं का सीधा असर स्थानीय बुलियन बाजार पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल सोने की कीमत करीब 4,186 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत लगभग 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास चल रही है।
खरीददारी करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि IBJA के ये रेट पूरे देश के लिए बेंचमार्क माने जाते हैं, लेकिन स्थानीय सराफा बाजारों में कीमतें इससे कुछ अलग हो सकती हैं। ग्राहकों को आभूषण खरीदते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अंतिम बिल में सोने या चांदी के बेस रेट के अलावा मेकिंग चार्ज (निर्माण शुल्क) और उस पर लागू जीएसटी (GST) भी जुड़ता है। इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से सटीक और अंतिम कीमत की पुष्टि जरूर कर लें।