चंदौली में शिक्षा विभाग की बड़ी सख्ती: 84 हजार विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है यह कदम
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) धर्मेंद्र कुमार ने जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले के 84,000 से अधिक विद्यार्थियों की लंबित 'अपार' (APAAR) आईडी का निर्माण था।
क्या है अपार आईडी और क्यों है यह जरूरी?
अपार आईडी, जिसे 'वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी' के रूप में जाना जाता है, विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का एक डिजिटल रिकॉर्ड है। यह आईडी न केवल छात्र के पूरे शैक्षणिक सफर को ट्रैक करने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में छात्रवृत्ति, डिग्री और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी अनिवार्य होगी। डीआईओएस ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यू-डायस प्लस और छात्रवृत्ति पर विशेष फोकस
बैठक में डीआईओएस ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया:
- समय सीमा का पालन: यू-डायस प्लस पोर्टल पर विद्यालय, शिक्षक और छात्र प्रोफाइल को अद्यतन करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त निर्धारित की गई है।
- छात्रवृत्ति योजना: मास्टर डेटा को समय पर लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी छात्र की छात्रवृत्ति प्रक्रिया में देरी न हो।
- नामांकन विवरण: कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों का नामांकन विवरण तत्काल प्रभाव से पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है।
एआई (AI) और आधुनिक शिक्षा की ओर कदम
शिक्षा विभाग ने आधुनिक तकनीक को अपनाने पर भी जोर दिया है। चंदौली के विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोर्स की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक 5740 विद्यार्थियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। डीआईओएस ने निर्देश दिए हैं कि कक्षा 11 और 12 के छात्रों का पंजीकरण पूरा कराकर उनके पाठ्यक्रम को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इसके अलावा, राजकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी (ICT) का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
'हर घर तिरंगा' और अन्य गतिविधियां
शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा बनाए रखने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 'हर घर तिरंगा' अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है ताकि छात्र और अभिभावक दोनों इस अभियान से जुड़ सकें। साथ ही, विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन नियमानुसार करने को कहा गया है ताकि स्कूल प्रशासन में पारदर्शिता बनी रहे।
इंस्पायर अवार्ड: नवाचार को बढ़ावा
वैज्ञानिक सोच को विकसित करने के लिए इंस्पायर अवार्ड के तहत प्रत्येक विद्यालय से पांच सर्वोत्तम नवाचारी विचारों (Innovative Ideas) का चयन करने को कहा गया है। इन विचारों को पोर्टल पर अपलोड करना होगा ताकि छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
प्रधानाचार्यों को सख्त चेतावनी
डीआईओएस ने स्पष्ट किया है कि विभागीय कार्यक्रमों और शैक्षिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा विद्यालय स्तर पर शिक्षकों के साथ बैठक करके की जाए। किसी भी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: अपार आईडी बनवाना क्यों जरूरी है?
उत्तर: अपार आईडी छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने के लिए आवश्यक है, जो भविष्य में छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी लाभों के लिए अनिवार्य होगी।
प्रश्न 2: यू-डायस प्लस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की आखिरी तारीख क्या है?
उत्तर: विद्यालयों को 20 अगस्त तक छात्र प्रोफाइल और अन्य डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रश्न 3: क्या एआई कोर्स सभी छात्रों के लिए है?
उत्तर: वर्तमान में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए एआई कोर्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उनका पंजीकरण करवाया जा रहा है।