गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, सक्रिय हुआ प्रशासन
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मानसून की सक्रियता के बीच गंगा नदी का जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए सकलडीहा की उपजिलाधिकारी (SDM) आकांक्षा सिंह ने गुरुवार को चहनियां क्षेत्र के संवेदनशील गांवों का तूफानी दौरा किया। उनका यह औचक निरीक्षण न केवल अधिकारियों की सक्रियता को परखने के लिए था, बल्कि ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टांडा और मोहम्मदपुर समेत कई गांवों में पहुंचीं एसडीएम
निरीक्षण के दौरान एसडीएम आकांक्षा सिंह ने टांडा, सरौली, मोहम्मदपुर, जमालपुर और शेरपुर सरैया जैसे गंगा किनारे बसे गांवों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने खुद पैदल चलकर तटवर्ती इलाकों की स्थिति देखी और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
एसडीएम ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा: "मौसम विभाग की चेतावनी और जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन प्रशासन के निर्देशों का पालन हर हाल में करें।"
अधिकारियों को 24 घंटे की 'वॉच' के निर्देश
अपनी इस यात्रा के दौरान आकांक्षा सिंह ने प्रशासनिक टीम को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है:
- 24x7 निगरानी: गंगा के जलस्तर की हर घंटे रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।
- संवाद बनाए रखें: लेखपाल और राजस्व टीम के सदस्य लगातार गांव के प्रधानों और स्थानीय लोगों के संपर्क में रहें।
- आपातकालीन तैयारी: बाढ़ राहत शिविरों की स्थिति और नावों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत रेस्क्यू किया जा सके।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन सावधानी जरूरी
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसडीएम आकांक्षा सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, "प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हम मानसून के हर चरण पर नजर बनाए हुए हैं। घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना ही बचाव है।"
प्रशासनिक अमले की पूरी टीम रही मौजूद
इस दौरे में एसडीएम के साथ तहसील प्रशासन की पूरी फौज मुस्तैद दिखी। मौके पर तहसीलदार अनुराग सिंह, नायब तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद, दिनेश चंद्र शुक्ला के साथ-साथ लेखपाल प्रवीण सिंह, बृजेश मिश्रा, अखिलेश मिश्रा और चंदन यादव मौजूद रहे। इन सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और संवेदनशील बिंदुओं पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ग्रामीणों के लिए सुरक्षा के टिप्स
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित और ऊंचाई वाली जगह पर रखें।
- पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुरक्षित स्थान पर करें।
- किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय लेखपाल या तहसील कंट्रोल रूम को सूचित करें।
- रात के समय नदी के किनारे जाने से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या चंदौली में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है?
उत्तर: फिलहाल जलस्तर सामान्य है, लेकिन मानसून के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी रखा है।
प्रश्न 2: बाढ़ की स्थिति में ग्रामीण मदद के लिए किससे संपर्क करें?
उत्तर: ग्रामीण अपने क्षेत्र के लेखपाल, राजस्व टीम या तहसील कंट्रोल रूम में तुरंत संपर्क कर सकते हैं।
प्रश्न 3: किन गांवों पर प्रशासन की विशेष नजर है?
उत्तर: चहनियां क्षेत्र के टांडा, सरौली, मोहम्मदपुर, जमालपुर और शेरपुर सरैया जैसे गंगा किनारे बसे गांवों पर प्रशासन की विशेष नजर है।