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चंदौली का वो गांव, जहां इस पूर्व प्रधान को भगवान मानते हैं लोग; ऐसी है विकास गाथा

चंदौली का वो गांव, जहां इस पूर्व प्रधान को भगवान मानते हैं लोग; ऐसी है विकास गाथा

गांवों की तस्वीर बदलना केवल चुनावी वादों से मुमकिन नहीं होता, इसके लिए मजबूत इरादों और जमीन पर उतरकर काम करने की जिद्द की जरूरत होती है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के नियंताबाद ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा नाथूपुर में कुछ ऐसी ही बदलाव की इबारत लिखी गई है। यहां के पूर्व प्रधान और वरिष्ठ समाजसेवी नौशाद अहमद सिद्दीकी ने अपने कार्यकाल के दौरान गांव की ऐसी तस्वीर बदली कि आज भी लोग उन्हें किसी मसीहा से कम नहीं मानते।

बुनियादी ढांचे की बदली तस्वीर, गलियों से लेकर सड़कों तक विकास

जब नौशाद सिद्दीकी ने पंचायत की कमान संभाली थी, तब नाथूपुर गांव भी देश के अन्य ग्रामीण इलाकों की तरह बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा था। लेकिन उनके नेतृत्व में प्राथमिकताओं की दिशा ही बदल गई। गांव की मुख्य सड़कों के निर्माण से लेकर तंग गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाने तक, हर काम में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया।

अक्सर बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से जूझने वाले इस गांव को पक्की नालियों के निर्माण से बड़ी राहत मिली। इसके अलावा, रात के वक्त अंधेरे में रहने वाली सड़कों और चौराहों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।


"सच्चا जनप्रतिनिधि वही है जो हर गरीब और असहाय के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे। नौशाद सिद्दीकी ने पद पर रहते हुए और उसके बाद भी कभी किसी जरूरतमंद को निराश नहीं किया।" - स्थानीय ग्रामीण

गरीबों और वंचितों के लिए बने संबल

नाथूपुर के सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए नौशाद सिद्दीकी ने जो किया, उसने उन्हें जन-जन के दिल में बसा दिया। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सरकारी योजनाओं का लाभ बांटते वक्त किसी भी तरह का पक्षपात नहीं किया गया, बल्कि सिर्फ और सिर्फ 'पात्रता' को पैमाना बनाया गया।

उनके कार्यकाल के प्रमुख कार्य:

  • पक्के मकान का सपना: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दर्जनों बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को पक्की छत दिलाई गई।
  • सामाजिक सुरक्षा: गांव के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को समय पर पेंशन मिले, इसके लिए बिना किसी बिचौलिए के पारदर्शी प्रयास किए गए।
  • पेयजल और स्वच्छता: स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय और शुद्ध पेयजल के लिए नए हैंडपंप लगवाए गए।

पद हटने के बाद भी नहीं थका जनसेवा का सफर

आम तौर पर राजनीति और प्रधानी खत्म होने के बाद नेता जनता से दूरी बना लेते हैं, लेकिन नौशाद अहमद सिद्दीकी के मामले में यह बात बिल्कुल उलट है। आज भी क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुंचता है, तो वे प्रशासनिक स्तर पर उसका समाधान कराने के लिए पूरी शिद्दत से खड़े मिलते हैं। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूक करना भी उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. नौशाद अहमद सिद्दीकी कौन हैं?

नौशाद अहमद सिद्दीकी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के नियंताबाद ब्लॉक (सेक्टर नंबर 3) की ग्राम सभा नाथूपुर के पूर्व प्रधान और एक लोकप्रिय समाजसेवी हैं।

2. नाथूपुर में उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?

उनके कार्यकाल में पारदर्शिता के साथ गरीबों को आवास, पेंशन का लाभ दिलाना और गांव में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास मुख्य केंद्र बिंदु रहा।

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अल्का सिंह

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अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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