पिछले 14 वर्षों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सेवाएं दे रहे अनुदेशकों का आंदोलन जारी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की अपील
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बीते 14 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे अनुदेशक शिक्षक अपने अधिकारों और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। बकाया एरियर के भुगतान और वर्तमान पद पर नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को अनुदेशकों का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति के बैनर तले आयोजित इस अनशन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया और शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की।
डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास दिया धरना
यह क्रमिक अनशन ग्राम सेवखर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास आयोजित किया गया, जहाँ सभी अनुदेशक एकजुट होकर धरने पर बैठे। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अनुदेशक शिक्षक पिछले डेढ़ दशक से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। इसके बावजूद, उन्हें आज भी अपने खुद के भविष्य, मानदेय और सेवा सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता के दौर से गुजरना पड़ रहा है। लगातार काम करने के बाद भी उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिल पा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन और एरियर भुगतान की मांग
धरना दे रहे अनुदेशकों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 4 फरवरी 2026 को दिए गए फैसले का पूरी तरह से पालन कराया जाए। संगठन का कहना है कि अदालत के आदेश को लागू करने में किसी भी प्रकार की बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, लंबे समय से अटका हुआ एरियर तुरंत जारी किया जाए, ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे अनुदेशक शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत मिल सके। समिति ने मांग रखी कि सालों से सेवाएं दे रहे इन अनुदेशक शिक्षकों को उनके वर्तमान पदों पर ही पक्का किया जाए। पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि अनुदेशक लंबे समय से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। ऐसे में उनके लंबे अनुभव और निरंतर सेवाकाल को ध्यान में रखते हुए सरकार को उनके हित में ठोस और प्रभावी फैसला लेना चाहिए।
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा अधिकारों का संघर्ष
संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन किसी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था के खिलाफ नहीं है। यह लड़ाई केवल अनुदेशकों के न्यायसंगत अधिकारों, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य के लिए है। शिक्षकों ने संकल्प जताते हुए कहा कि वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक रास्ते पर चलते हुए अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहेंगे। अनशन स्थल पर महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बीनू यादव, इंदुबाला, शशिकला सिंह, सोनी सोनकर, अमरनाथ राय, नरेंद्र कुमार, प्रकाश सिंह, संतोष कुमार, रामनरेश यादव, हैदर अली, अजित कुमार, संजय कुमार, सुरेश जायसवाल, शैलेश कुमार, स्वदेश भारती, अश्वनी कुमार और शत्रुघ्न सोनकर समेत दर्जनों अनुदेशक शिक्षक पूरी एकजुटता के साथ उपस्थित रहे।