बिहार से लग्जरी गाड़ी में हो रही थी तस्करी, सतपोखारी था मुख्य बिक्री केंद्र
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की अलीनगर थाना पुलिस को गौतस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक लग्जरी वाहन से साढ़े छह क्विंटल (6.5 क्विंटल) प्रतिबंधित गौमांस बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने मौके से तीन पशु तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त बताए जा रहे हैं।
बिहार के मोहनिया से होता था वध
पुलिस पूछताछ और शुरुआती जांच में सामने आया है कि पकड़े गए तस्कर पड़ोसी राज्य बिहार के मोहनिया क्षेत्र में मवेशियों का वध करने के बाद प्रतिबंधित मांस को लग्जरी वाहनों के जरिए उत्तर प्रदेश में लाते थे। आरोपी नौबतपुर बॉर्डर के रास्ते चंदौली में प्रवेश करते थे और फिर मुगलसराय से लेकर वाराणसी तक के विभिन्न इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे। अलीनगर पुलिस को इस पूरे नेटवर्क की पुख्ता जानकारी मुखबिर के जरिए मिली थी, जिसके बाद जाल बिछाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
मुगलसराय का सतपोखारी है प्रमुख ठिकाना
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि मुगलसराय क्षेत्र का सतपोखारी इलाका इस प्रतिबंधित मांस की खरीद-फरोख्त का मुख्य हब बना हुआ था। तस्कर इसी क्षेत्र को आधार बनाकर स्थानीय स्तर पर मांस की डिलीवरी करते थे। स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए तस्करों से गहन पूछताछ कर रहा है ताकि इनके अन्य सहयोगियों और संपर्कों का भी खुलासा किया जा सके।
पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी बरामदगी
चंदौली जिले में प्रतिबंधित गौमांस की तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मुगलसराय कोतवाली पुलिस द्वारा दो बार भारी मात्रा में गौमांस बरामद किया जा चुका है। बार-बार हो रही इन बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अंतरराज्यीय मार्गों का उपयोग कर लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस और सतर्क हो गई है तथा बॉर्डर क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।