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बचपन में सीखा शास्त्रीय संगीत, एक गाने ने दलेर मेहंदी को रातोंरात बना दिया था स्टार

बचपन में सीखा शास्त्रीय संगीत, एक गाने ने दलेर मेहंदी को रातोंरात बना दिया था स्टार

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस शख्स की आवाज सुनते ही महफिल में जान आ जाती है और पैर खुद-ब-खुद थिरकने लगते हैं, उनका सफर आखिर कैसा रहा होगा? जब हम 90 के दशक के भारतीय पॉप संगीत की बात करते हैं, तो एक नाम ऐसा है जिसके बिना वह दौर अधूरा सा लगता है—दलेर मेहंदी (Daler Mehndi)। अपनी भारी-भरकम आवाज, ऊर्जा से भरपूर स्टेज परफॉर्मेंस और रंग-बिरंगे लंबे कोट के लिए मशहूर दलेर मेहंदी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आज हम उनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने पहलुओं पर नजर डाल रहे हैं, जिन्होंने उन्हें एक आम लड़के से 'भांगड़ा किंग' बना दिया।

संगीत की विरासत और दिलचस्प नाम का रहस्य

18 अगस्त 1967 को पटना, बिहार में जन्मे दलेर मेहंदी का मूल नाम दलेर सिंह है। उनका परिवार शुरू से ही कला और अनुशासन के सांचे में ढला हुआ था। उनके पिता अजमेर सिंह चंदन एक जाने-माने शास्त्रीय गायक थे, जो संगीत की बारीकियों को समझते थे। वहीं, उनकी मां बलबीर कौर एक राज्य स्तर की पहलवान थीं। घर में संगीत और अनुशासन का यह अनूठा मेल था। यही वजह है कि दलेर को बचपन से ही गायकी का शौक लग गया था। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही शास्त्रीय संगीत की तालीम लेनी शुरू कर दी थी और गुरबानी का अभ्यास भी करने लगे थे।

उनके नाम के पीछे भी एक बेहद दिलचस्प किस्सा जुड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके माता-पिता ने एक जमाने की मशहूर फिल्म के एक डकैत किरदार 'डाकू दलेर सिंह' से प्रभावित होकर उनका नाम 'दलेर' रख दिया था। आगे चलकर जब उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा, तो वे मशहूर गायक और संगीतकार परवेज मेहंदी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने नाम के आगे 'मेहंदी' उपनाम जोड़ लिया और हमेशा के लिए 'दलेर मेहंदी' बन गए। उनके परिवार में संगीत का खून किस हद तक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके छोटे भाई मीका सिंह भी आज देश के शीर्ष गायकों में शुमार हैं।

जब 'बोलो ता रा रा' ने बदल दी पूरी तस्वीर

दलेर मेहंदी ने संगीत की दुनिया में लंबे समय तक संघर्ष किया और कई मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया, लेकिन उनके करियर का असली और ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट साल 1995 में आया। जब उनका पहला पॉप एल्बम 'बोलो ता रा रा' (Bolo Ta Ra Ra) रिलीज हुआ, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह इतिहास रच देगा। यह एल्बम आते ही बाजार में छा गया और देश का हर युवा इसकी धुन पर थिरकने लगा।

इस एक एल्बम ने दलेर मेहंदी को रातोंरात देश का सबसे बड़ा पॉप स्टार बना दिया। उनका एनर्जेटिक भांगड़ा-पॉप स्टाइल उस समय के स्लो मेलोडी गानों से बिल्कुल अलग था, जिसे जनता ने हाथों-हाथ लिया। इसके बाद तो जैसे सफलता उनके कदम चूमने लगी।

भांगड़ा को दी ग्लोबल पहचान

दलेर मेहंदी ने सिर्फ भारत तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि भारतीय भांगड़ा संगीत को सात समंदर पार ग्लोबल मंच पर पहुंचाया। उनके गानों की लिस्ट इतनी लंबी है कि हर पार्टी और शादी उनकी आवाज के बिना अधूरी मानी जाती है:

  • तुनक तुनक तुन (Tunak Tun Tun): यह गाना आज भी पूरी दुनिया में मीम्स और रील्स का हिस्सा बनता है और इसका क्रेज कभी कम नहीं हुआ।
  • हो जाएगी बल्ले बल्ले
  • रंग दे बसंती
  • जीयो रे बाहुबली
  • कुड़ियां शहर दियां
  • जोर का झटका

उनकी भारी आवाज और गानों की तेज बीट्स ने श्रोताओं में एक अलग ही ऊर्जा भर दी। उनके म्यूज़िक वीडियोज़ भी उस दौर में अपनी भव्यता के लिए जाने जाते थे, जिनमें भारी-भरकम सेट्स और भव्यता देखने को मिलती थी।

संगीत से जुड़ा पूरा परिवार

दलेर मेहंदी की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनका परिवार भी पूरी तरह से संगीत को समर्पित है। उनकी पत्नी का नाम तरणप्रीत कौर है और उनके चार बच्चे हैं। उनकी बेटी अजीत कौर मेहंदी का रिश्ता भी संगीत परिवार से ही जुड़ा है; उनकी शादी मशहूर पंजाबी गायक हंसराज हंस के बेटे और गायक नवराज हंस के साथ हुई है। इस प्रकार, दलेर मेहंदी का पूरा परिवार आज भी संगीत की सेवा में जुटा हुआ है और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: दलेर मेहंदी का मूल नाम क्या है?

Ans: दलेर मेहंदी का मूल नाम दलेर सिंह है।

Q2: दलेर मेहंदी के करियर का सबसे बड़ा हिट एल्बम कौन सा था?

Ans: साल 1995 में रिलीज हुआ उनका पहला पॉप एल्बम 'बोलो ता रा रा' उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था।

Q3: क्या दलेर मेहंदी और मीका सिंह भाई हैं?

Ans: हां, प्रसिद्ध गायक मीका सिंह, दलेर मेहंदी के छोटे भाई हैं।

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अल्का सिंह

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Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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