मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कानून और व्यवस्था को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और तनावपूर्ण घटना सामने आई है। जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिनौता-हलगज में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान उस वक्त कोहराम मच गया, जब अचानक आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासनिक और पुलिस अमले पर पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में दमोह के एसडीएम सौरभ गंधर्व और पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रशासन सतर्क मुद्रा में आ गया है।
जुआ फड़ पर कार्रवाई से शुरू हुआ था विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 24 सितंबर 2026 की रात से जुड़ी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, हिंडोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौता में पुलिस ने जुआ फड़ के खिलाफ एक औचक कार्रवाई को अंजाम दिया था। पुलिस की इस दबिश के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी के माहौल में शिव सिंह लोधी नामक व्यक्ति अचानक गिरकर बेहोश हो गए। पुलिस बल तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उन्हें हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक सामान्य पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई इस अचानक मौत ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया।
मौत के बाद गहराया आक्रोश और राजनीतिक हलचल
अस्पताल में शिव सिंह लोधी की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण चिकित्सालय पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और इस पूरी कार्रवाई को मौत की वजह बताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति उस समय और अधिक संवेदनशील हो गई जब मामले की जानकारी मिलने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई स्थानीय राजनीतिक नेता भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, पुलिस और प्रशासन का यह पक्ष सामने आया कि मौत की असल वजह क्या थी, यह केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शुरुआती दौर में पुलिस के मुताबिक यह मौत भगदड़ के दौरान गिरने की वजह से होना बताई जा रही थी।
सागर मेडिकल कॉलेज में हुआ पोस्टमार्टम
मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते तनाव को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मृतक के शव का सामान्य परीक्षण न कराकर सागर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 25 सितंबर की दोपहर को शव को वापस ग्राम हिनौता लाया गया। जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंची, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन उग्र हो गए। माहौल पहले से ही गमगीन और गुस्से से भरा हुआ था, जो शव पहुंचते ही और अधिक भड़क उठा।
अंतिम संस्कार के दौरान अचानक हुआ पथराव
घटना शुक्रवार दोपहर की है जब मृतक का अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया शुरू हो रही थी। इसी दौरान स्थिति अचानक बेकाबू हो गई और भीड़ में से कुछ लोगों ने पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थरों की बरसात शुरू कर दी। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस अचानक हुए हिंसक पथराव में दमोह के एसडीएम सौरभ गंधर्व बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए दमोह जिला मुख्यालय रैफर किया गया। इसके साथ ही पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत और कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी इस हमले में चोटिल हो गए। सरकारी वाहनों और सुरक्षा बलों को भी निशाना बनाया गया।
भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति नियंत्रण में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी हरकत में आ गए और तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से संयम बरतने की अपील की और उन्हें समझाइश दी। काफी देर चली मशक्कत के बाद आखिरकार हालात पर काबू पाया जा सका। तनाव की गंभीरता को देखते हुए हिनौता और आसपास के गांवों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
जांच के घेरे में पुलिस कार्रवाई और हमला
यह पूरा मामला अब दो स्तरों पर गहन जांच के दायरे में आ चुका है। पहला पहलू 24 सितंबर की रात हुई वह पुलिस कार्रवाई है जिसके दौरान भगदड़ मची और शिव सिंह लोधी की जान गई। दूसरा पहलू 25 सितंबर को अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हमला करने वाले उपद्रवी तत्वों की पहचान का है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पथराव करने वालों की शिनाख्त में जुट गई है। प्रशासन की ओर से यह भी संकेत मिले हैं कि यदि जांच में पुलिस पक्ष या किसी अन्य स्तर पर कोई लापरवाही सामने आती है, तो सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी की तरफ से इस पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शांति बहाली के बाद दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है।