दिल्ली एयरपोर्ट पर शुरू हुआ मेगा प्रोजेक्ट, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर आवागमन का तरीका अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। दुनिया के सबसे व्यस्त और आधुनिक एयरपोर्ट्स में शुमार इस हब पर यात्रियों के लिए एक क्रांतिकारी योजना पर काम शुरू हो चुका है। अब यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक जाने के लिए सड़क मार्ग की भीड़भाड़ या लंबी कैब राइड से जूझना नहीं पड़ेगा। इसके लिए एयरपोर्ट परिसर के भीतर ही एक हाई-स्पीड 'एयर ट्रेन' (APM - Automated People Mover) चलाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एयरपोर्ट के भीतर अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य जोरों पर शुरू हो चुका है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत करीब 3500 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसे भारत के सबसे बड़े और महंगे एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक बनाती है। आइए इस पूरे प्रोजेक्ट की बारीकियों को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि यह कैसे काम करेगा।
क्या है एयर ट्रेन प्रोजेक्ट और इसकी मुख्य विशेषताएं?
एयरपोर्ट ऑपरेटर और संबंधित प्राधिकरणों द्वारा तैयार किए गए इस प्लान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न टर्मिनलों के बीच कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट और निर्बाध बनाना है। वर्तमान में एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल (विशेषकर टर्मिनल 1 से टर्मिनल 3 या 2) जाने के लिए यात्रियों को भारी ट्रैफिक या एयरपोर्ट की शटल बसों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एयर ट्रेन को एक बेहतरीन विकल्प के रूप में चुना गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- कुल लंबाई: इस विशेष रेल नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 7.3 किलोमीटर होगी, जो सभी प्रमुख टर्मिनलों को आपस में जोड़ेगी।
- अंडरग्राउंड टनल: यात्रियों की आवाजाही के लिए जमीन के नीचे एक मजबूत और सुरक्षित अंडरग्राउंड टनल का निर्माण किया जा रहा है, जिसका काम शुरू हो चुका है।
- भारी-भरकम बजट: इस हाई-टेक परियोजना पर लगभग 3500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।
- ऑटोमेटेड सिस्टम: यह ट्रेन पूरी तरह से स्वचालित (Automated) होगी, जिसमें ड्राइवर की जरूरत नहीं होगी और यह मेट्रो की तर्ज पर हाई-फ्रीक्वेंसी पर उपलब्ध होगी।
समय की होगी भारी बचत, मिलेगा वर्ल्ड-क्लास एक्सपीरियंस
यात्रियों के अनुभव को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप ढालने के लिए यह कदम उठाया गया है। वैश्विक स्तर पर लंदन हीथ्रो, सिंगापुर चांगी और न्यूयॉर्क के जेएफके जैसे दुनिया के शीर्ष एयरपोर्ट्स पर पहले से ही इस तरह की 'पीपल मूवर' ट्रेन सेवाएं मौजूद हैं। अब इसी तर्ज पर दिल्ली एयरपोर्ट भी ग्लोबल लीग में मजबूती से अपनी जगह बनाने जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयर ट्रेन के शुरू होने से कनेक्टिंग उड़ानों (Connecting Flights) वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। जो सफर तय करने में पहले 30 से 45 मिनट का समय लगता था, वह अब महज़ कुछ ही मिनटों में सिमट जाएगा। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि उनके भीतर फ्लाइट छूटने की चिंता भी खत्म होगी।निर्माण कार्य में किन बातों का रखा जा रहा है ध्यान?
इतने बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सामान्य उड़ानों और एयरपोर्ट की दैनिक गतिविधियों पर कोई असर न पड़े, इसके लिए इंजीनियरों और प्लानर्स ने बेहद बारीकी से रणनीति तैयार की है। अंडरग्राउंड टनल होने के कारण ऊपर चल रही गतिविधियों में कोई बाधा नहीं आएगी। आधुनिक तकनीक और भारी-भरकम मशीनों का इस्तेमाल करके इस टनल को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुरक्षा के लिहाज से भी इस टनल और ट्रेन प्रणाली में अत्याधुनिक सेंसर, फायर सेफ्टी मेकैनिज्म और आपातकालीन निकास मार्गों का प्रावधान किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हो रहा है इन्फ्रास्ट्रक्चर
आने वाले वर्षों में भारत में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए ही इस प्रकार के दीर्घकालिक प्रोजेक्ट्स पर निवेश किया जा रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट पहले से ही पैसेंजर हैंडलिंग के मामले में एशिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शुमार है। ऐसे में एयर ट्रेन जैसी सुविधा यात्रियों की संख्या को संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने में बेहद मददगार साबित होगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रोजेक्ट के टनल निर्माण कार्य के अगले चरणों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। जैसे-जैसे यह परियोजना अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ेगी, यात्रियों के लिए इसके ट्रायल और संचालन से जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने आएंगी। फिलहाल, इस मेगा प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने से देश के एविएशन सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।