दिल्ली और नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंचकर 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। CPCB के आंकड़ों के अनुसार जानिए एनसीआर के शहरों का हाल।
सोमवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 310 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 277 था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में सोमवार को हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रतिबंधों के बावजूद दिल्ली और नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय शहर धुंध की एक मोटी चादर से ढका हुआ नजर आया।
एनसीआर के अन्य शहरों का हाल
पड़ोसी शहर नोएडा में भी हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और यह 'बहुत खराब' श्रेणी में आते हुए 311 पर पहुंच गया। नोएडा में पिछले कुछ दिनों में AQI में तेज उछाल देखा गया है। शहर में 30 अक्टूबर को बारिश के बाद AQI 58 दर्ज किया गया था, जो 31 अक्टूबर को बढ़कर 106 हो गया और 1 नवंबर को 248 पर पहुंच गया। सोमवार सुबह यह 311 दर्ज किया गया, जिसमें ऐप के अनुसार शहर के सात में से छह सक्रिय निगरानी स्टेशन शामिल थे।
इस बीच, गाजियाबाद और गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर 'खराब' श्रेणी में रहा। गाजियाबाद में AQI 278 और गुरुग्राम में 230 दर्ज किया गया। वहीं, फरीदाबाद की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही, जहां AQI 116 के साथ हवा 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई।
स्वास्थ्य परामर्श और चेतावनी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार सुबह 8:05 बजे ये आंकड़े दर्ज किए गए। ऐप की स्वास्थ्य सलाह में चेतावनी दी गई है कि दिल्ली और नोएडा में हवा का स्तर 'बहुत खराब' है और इसके लंबे समय तक संपर्क में रहने से श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
गाजियाबाद और गुरुग्राम के लिए जारी सलाह के अनुसार, यहां की 'खराब' हवा लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकती है। वहीं फरीदाबाद के 'मध्यम' स्तर के प्रदूषण से फेफड़े के विकारों, अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में असुविधा हो सकती है।