जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 18 दिन के आंदोलन के बाद 10 नवंबर 2026 से ऑफलाइन कक्षाएं और लाइब्रेरी खुलेंगी। 16 से 21 नवंबर तक मिड-टर्म परीक्षाएं पेन-पेपर मोड में होंगी।
छात्र आंदोलन समाप्त होने के बाद रजिस्ट्रार ने जारी किया आधिकारिक आदेश
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर पिछले 18 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। इस गतिरोध के खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस को पूरी तरह से दोबारा खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, कैंपस में आगामी 10 नवंबर 2026 से सभी शैक्षणिक गतिविधियां और ऑफलाइन कक्षाएं सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएंगी।
छात्रों की पढ़ाई का अकादमिक नुकसान न्यूनतम रखने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9 नवंबर 2026 तक सभी कक्षाएं पूर्ववत ऑनलाइन माध्यम से ही संचालित होती रहेंगी। इसके बाद 10 नवंबर से छात्र सीधे परिसरों में आकर अपनी नियमित कक्षाएं अटेंड कर सकेंगे। कक्षाओं के साथ-साथ छात्रों के दैनिक उपयोग से जुड़ी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी, कैंटीन और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी पूरी क्षमता के साथ खोल दी जाएंगी।
सेकंड मिड-टर्म परीक्षाओं का शेड्यूल और मोड
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आगामी परीक्षाओं की रूपरेखा भी साफ कर दी है। यूनिवर्सिटी की सेकंड मिड-टर्म परीक्षाएं 16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। इससे पहले इन परीक्षाओं को ऑनलाइन या वर्चुअल माध्यम से कराने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन प्रशासनिक निर्णय के अनुसार ये परीक्षाएं पूरी तरह से ऑफलाइन मोड यानी पेन और पेपर पद्धति से ही कैंपस के भीतर ली जाएंगी।
यह परीक्षा आदेश विश्वविद्यालय के सभी अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा। इसके अलावा, अकादमिक कैलेंडर 2026-2027 के अंतर्गत आने वाली अन्य सभी शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक और एक्स्ट्रा-करिक्युलर गतिविधियां भी 10 नवंबर के बाद से केवल ऑफलाइन माध्यम से ही संपन्न कराई जाएंगी।
प्रशासन का अनुशासनिक नरमी का कदम
इस पूरे घटनाक्रम का एक अहम पहलू यह भी है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंदोलन के दौरान प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ जारी किए गए सभी कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस और अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को पूर्ण रूप से वापस लेने का निर्णय लिया है। इस कदम से परिसरों में शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक शैक्षणिक माहौल लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।