चक्रवाती तूफान मुरासु के छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना। 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान, किसानों की बढ़ी चिंता।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच रहा है। इस मौसमी बदलाव के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ ही इसका सबसे ज्यादा प्रभाव छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा में दिखाई देगा। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में झमाझम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवाओं की सामान्य रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने तथा हवा के झोंकों के साथ यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में बदला मौसम का मिजाज
राजधानी रायपुर में भी मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। यहां 2 नवंबर की शाम से ही आसमान में बादल छाने लगे हैं और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। वहीं, 3 और 4 नवंबर को राजधानी सहित आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं।
दक्षिण राज्यों में भी रहेगा तूफान का असर
छत्तीसगढ़ पहुंचने से पहले इस चक्रवाती तूफान का असर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 नवंबर को कोस्टल आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान इन राज्यों में भी तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु में भी जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है बेल्ट के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
धान की फसल को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता
चक्रवात और बेमौसम बारिश के इस पूर्वानुमान ने छत्तीसगढ़ के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश में वर्तमान में धान की फसल कटाई के अंतिम दौर में है। कई इलाकों में धान की फसल खेतों में पूरी तरह तैयार खड़ी है, तो वहीं कुछ जगहों पर कटी हुई फसल खेतों या खलिहानों में मौजूद है। ऐसे में तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश से खड़ी फसल के गिरने और कटी हुई फसल को नमी तथा पानी से भारी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है।
प्रशासन और किसानों की दृष्टि से आगामी दो दिन बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे तेज हवा, आकाशीय बारिश और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पूरी सावधानी बरतें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।