Breaking
► सरकार गिराने के लिए काला जादू? शिवमोगा मंदिर कांड पर सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा खुलासा ► जब बड़े भाई ने अटलजी से कहा था- 'ससुराल मेरी और मजे तुम उड़ाते हो' ► किराने का बिल हो गया है भारी? अपनाएं ये 7 स्मार्ट तरीके, हर महीने होगी भारी बचत ► मुंबई के घर के अंदर चल रही थी गांजे की हाई-टेक खेती, पुलिस भी हैरान ► अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: जब देश ने याद किया 'अजातशत्रु' का वह ओजस्वी नेतृत्व ► रातों-रात स्टार बनीं मनीषा कोइराला: कैंसर को हराने और हीरामंडी तक का सफर ► गांधी की अहिंसा और प्रभास की बंदूक... ‘फौजी’ का पहला लुक हिला देगा ► भारत के स्वतंत्रता दिवस पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा संदेश, रिश्तों को लेकर कही यह बड़ी बात ► यूपी-उत्तराखंड समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 65 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं ► सुनपुरा गांव पहुंचे विधायक तेजपाल नागर, शहीद लख्मीचंद के परिवार को किया नमन ► सरकार गिराने के लिए काला जादू? शिवमोगा मंदिर कांड पर सीएम रेवंत रेड्डी का बड़ा खुलासा ► जब बड़े भाई ने अटलजी से कहा था- 'ससुराल मेरी और मजे तुम उड़ाते हो' ► किराने का बिल हो गया है भारी? अपनाएं ये 7 स्मार्ट तरीके, हर महीने होगी भारी बचत ► मुंबई के घर के अंदर चल रही थी गांजे की हाई-टेक खेती, पुलिस भी हैरान ► अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि: जब देश ने याद किया 'अजातशत्रु' का वह ओजस्वी नेतृत्व ► रातों-रात स्टार बनीं मनीषा कोइराला: कैंसर को हराने और हीरामंडी तक का सफर ► गांधी की अहिंसा और प्रभास की बंदूक... ‘फौजी’ का पहला लुक हिला देगा ► भारत के स्वतंत्रता दिवस पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा संदेश, रिश्तों को लेकर कही यह बड़ी बात ► यूपी-उत्तराखंड समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 65 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं ► सुनपुरा गांव पहुंचे विधायक तेजपाल नागर, शहीद लख्मीचंद के परिवार को किया नमन

रूस-यूक्रेन युद्ध की देवरिया में गूंज: हजारों किमी दूर जंग में फंसा यूपी का बेटा

रूस-यूक्रेन युद्ध की देवरिया में गूंज: हजारों किमी दूर जंग में फंसा यूपी का बेटा

कहते हैं कि युद्ध की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन जब हजारों किलोमीटर दूर चल रही जंग की खौफनाक आहट उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले में सुनाई देने लगे, तो दिल दहल जाता है। कुछ ऐसा ही मंजर इन दिनों देवरिया जिले में देखने को मिल रहा है। सरहद पार गोलियों की तड़तड़ाहट और मिसाइलों के धमाकों ने देवरिया के एक साधारण परिवार की रातों की नींद उड़ा दी है।

एक फोन कॉल और थम गई परिवार की सांसें

देवरिया के एक गांव का रहने वाला युवक बेहतर भविष्य और परिवार का सहारा बनने की चाहत में कुछ महीने पहले ही विदेश गया था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक शुरू हुए सैन्य संघर्ष ने पूरी बाजी पलट दी। हाल ही में जब युवक का घर पर एक संक्षिप्त फोन आया, तो धमाकों के बीच उसकी घबराई हुई आवाज ने परिजनों के होश उड़ा दिए।


blockquote>'अम्मा, चारों तरफ सिर्फ धुआं और धमाकों की आवाजें हैं। हमें सुरक्षित बंकर में रखा गया है, लेकिन रसद खत्म हो रही है...' - यह आखिरी शब्द थे जो परिजनों ने सुने।

देवरिया तक कैसे पहुंची युद्ध की यह तपिश?

पूर्वांचल के देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर जैसे जिलों से हर साल हजारों युवा खाड़ी देशों, रूस और पूर्वी यूरोपीय देशों में रोजगार व पढ़ाई के सिलसिले में जाते हैं। जब भी इन क्षेत्रों में कोई भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध जैसी स्थिति पैदा होती है, तो उसकी सीधी आंच सीधे तौर पर इन ग्रामीण इलाकों के घरों तक पहुंचती है।

इस बार भी स्थिति अलग नहीं है। युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे होने के कारण न केवल युवक का संपर्क कट गया है, बल्कि उसके परिवार के लिए एक-एक मिनट काटना पहाड़ जैसा साबित हो रहा है।

रो-रोकर बुरा हाल, अब केवल सरकार से आस

घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य के संकट में फंसने से बूढ़े माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मां की आंखें दरवाजे पर टिकी हैं, वहीं पिता जिला प्रशासन से लेकर विदेश मंत्रालय तक के चक्कर काट रहे हैं।

परिवार ने प्रशासन से की यह मांगें:

  • सुरक्षित वापसी: भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप कर बेटे को एयरलिफ्ट करने की गुहार।
  • आपातकालीन संपर्क: भारतीय दूतावास के जरिए युवक की लोकेशन ट्रैक कर उसकी सलामती का अपडेट देने की मांग।
  • स्थानीय मदद: देवरिया जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और हर संभव सहायता का आश्वासन।

वैश्विक संकट और स्थानीय परिवारों का दर्द

यह मामला केवल एक परिवार का नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों का असर अब सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह यूपी के गांवों में रहने वाले आम परिवारों की जिंदगी को भी झकझोर रहा है।

फिलहाल, देवरिया का यह परिवार हर पल टीवी स्क्रीन पर टकटकी लगाए बैठा है और ईश्वर से अपने लाल की सलामती की प्रार्थना कर रहा है। परिजनों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही कोई राहत भरी खबर देगी।

✍️

रिपोर्टर: Nasim Ahmad

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।