बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए कश्मीर हमेशा से फिल्म मेकर्स की पहली पसंद रहा है। 60-70 के दशक से लेकर आज तक हिंदी सिनेमा ने इस घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, कल-कल बहती नदियों और बर्फीले पहाड़ों को सिल्वर स्क्रीन पर बखूबी उकेरा है। दीवाली की छुट्टियों के दौरान यदि आप परिवार या दोस्तों के साथ किसी ऐसी जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, जहां आपको पूरा फिल्मी अनुभव मिले, तो कश्मीर की ये आठ लोकेशन्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं।
बेताब और पहलगाम का गहरा नाता
साल 1983 में रिलीज हुई सनी देओल और अमृता सिंह की सुपरहिट डेब्यू फिल्म 'बेताब' की शूटिंग पहलगाम की हजल घाटी में की गई थी। इस फिल्म की अपार सफलता के बाद पर्यटकों के बीच इस स्थान को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए इस घाटी का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर 'बेताब घाटी' रख दिया गया था। आज भी यह जगह पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।
ये जवानी है दीवानी के पहाड़ी सीन्स
रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण स्टारर वर्ष 2013 की चर्चित फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' युवाओं के बीच आज भी उतनी ही लोकप्रिय है। फिल्म की कहानी के अनुसार भले ही बनी, अदिति और नैना मनाली की ट्रिप पर हाइकिंग करते नजर आते हैं, लेकिन निर्देशक अयान मुखर्जी ने उन पहाड़ों और ट्रैकिंग वाले कई खूबसूरत दृश्यों की असली शूटिंग गुलमर्ग और कश्मीर के कोंग्डोरी क्षेत्र में की थी।
सोनमर्ग और पहलगाम में फिल्माई गई बजरंगी भाईजान
सलमान खान के करियर की सबसे प्रशंसित फिल्मों में शामिल 'बजरंगी भाईजान' का अधिकांश हिस्सा कश्मीर की मनमोहक वादियों में फिल्माया गया है। फिल्म के प्रमुख दृश्यों के लिए मेकर्स ने सोनमर्ग, पहलगाम, श्रीनगर, गुलमर्ग और दूधपत्री जैसी खूबसूरत जगहों का चयन किया था, जो फिल्म के कैनवास को और भव्य बनाते हैं।
हैदर में डल झील और मीना बाजार का दीदार
शाहिद कपूर और तब्बू स्टारर निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म 'हैदर' में जम्मू-कश्मीर के पारंपरिक और सांस्कृतिक परिवेश को बहुत करीब से दिखाया गया है। फिल्म में डल झील, शिकारे और मीना बाजार के दृश्यों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। जिस घर में अभिनेता शाहिद कपूर ने शूटिंग की थी, उसे अब 'हैदर पॉइंट' के नाम से जाना जाता है और वह एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट में तब्दील हो चुका है।
फितूर और लैला मजनू की लोकेशन्स
कैटरीना कैफ और आदित्य रॉय कपूर की फिल्म 'फितूर' भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इसमें कश्मीर की खूबसूरती को बेहतरीन तरीके से दिखाया गया। फिल्म की शूटिंग डल झील, पहलगाम, बेताब घाटी, गुलमर्ग और मुगल गार्डन में हुई थी। इसके अलावा तृप्ति डिमरी के करियर की शुरुआती फिल्म 'लैला मजनू' की पूरी शूटिंग भी कश्मीर के खिलनमर्ग, पहलगाम और श्रीनगर जैसे विभिन्न हिस्सों में संपन्न हुई थी।
जब तक है जान और क्लासिक 'कश्मीर की कली'
शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ अभिनीत फिल्म 'जब तक है जान' के लोकप्रिय गाने 'जिया रे' की शूटिंग पहलगाम की लिद्दर नदी और बेताब घाटी में की गई थी। वहीं, शम्मी कपूर और शर्मिला टैगोर की क्लासिक फिल्म 'कश्मीर की कली' का अधिकांश हिस्सा भी पहलगाम और डल झील के आसपास फिल्माया गया था, जिसके गाने आज भी पर्यटकों को उस दौर की याद दिलाते हैं।