Google ने अपना एआई कोडिंग टूल Jules बंद करने का ऐलान किया है, दो चरणों में होगी सर्विस समाप्त
टेक दिग्गज गूगल ने अपने एआई कोडिंग टूल 'Jules' को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी की योजना इस सर्विस को इस साल के अंत तक पूरी तरह समाप्त करने की है। गूगल द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सर्विस को दो चरणों में बंद किया जाएगा, जिसकी शुरुआत आगामी 11 नवंबर से हो जाएगी। डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए यह जरूरी है कि वे समय रहते इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद अपने जरूरी डेटा को सुरक्षित कर लें, ताकि किसी भी प्रकार के प्रोजेक्ट डेटा के नुकसान से बचा जा सके।
दो चरणों में बंद होगी Jules की सर्विस
गूगल ने 29 अक्टूबर को अपने आधिकारिक Jules Changelog के माध्यम से इस सेवा को बंद करने की टाइमलाइन साझा की थी। निर्धारित योजना के मुताबिक, 11 नवंबर 2026 से Jules को 'रीड-ओनली' मोड में डाल दिया जाएगा। इस मोड के लागू होने के बाद डेवलपर्स अपने पुराने सेशन और पिछले काम को केवल देख सकेंगे, लेकिन टूल पर नए बदलाव या कोडिंग नहीं कर पाएंगे। इसके बाद, 31 दिसंबर 2026 को इस सर्विस को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। जिन डेवलपर्स के प्रोजेक्ट या अधूरे टास्क इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं, उन्हें नवंबर की समयसीमा से पहले ही अपने काम को अंतिम रूप देने की सलाह दी गई है।
क्यों बंद किया जा रहा है Jules?
गूगल के इस फैसले के पीछे किसी भी तरह की तकनीकी खराबी, सुरक्षा संबंधी समस्या या डेटा लीक का हवाला नहीं दिया गया है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने एआई एजेंट से जुड़े प्रयासों और संसाधनों को एकीकृत करना है। Jules के संचालन और इसके प्रयोगों से मिली सीख को अब गूगल अपने दूसरे प्लेटफॉर्म 'Antigravity' में शामिल करने की दिशा में काम कर रहा है। Antigravity एक ऐसा एडवांस डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म है, जहां एआई एजेंट कोडिंग टास्क की योजना तैयार करने, कोड में बदलाव करने, आवश्यक कमांड चलाने और परिणामों की जांच करने में डेवलपर्स की सहायता करते हैं। हालांकि, गूगल की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि Jules की सभी विशेषताएं Antigravity में पूरी तरह कब तक जोड़ी जाएंगी।
क्या थी Jules की खासियतें?
Jules एक प्रमुख एआई कोडिंग एजेंट था, जिसे डेवलपर्स सीधे अपने गिटहब (GitHub) रिपॉजिटरी से कनेक्ट कर सकते थे। यह टूल कोड की गलतियों को ठीक करने, नए फीचर्स विकसित करने, सॉफ्टवेयर पैकेजों को अपडेट करने और स्वचालित रूप से टेस्ट चलाने जैसे जटिल कार्य कर सकता था। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि यह बैकग्राउंड में भी स्वतंत्र रूप से काम करता था और काम पूरा होने पर गिटहब पर पुल रिक्वेस्ट (Pull Request) तैयार कर देता था, जिससे डेवलपर्स का समय बचता था।
ऐसे सुरक्षित रख सकते हैं अपना डेटा
गूगल ने उपयोगकर्ताओं को अपना डेटा बचाने के लिए एक्सपोर्ट करने का विकल्प उपलब्ध कराया है। Jules के कमांड लाइन टूल की मदद से अकाउंट सेटिंग्स, एनवायरनमेंट वेरिएबल्स, शेड्यूल्ड टास्क, कनेक्टेड रिपॉजिटरी, सेव की गई मेमोरी और पुराने सेशन का पूरा रिकॉर्ड आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मुख्य कोड, ब्रांच और पुल रिक्वेस्ट पहले से ही गिटहब पर सुरक्षित रहते हैं, इसलिए Jules के बंद होने के बाद भी वे वहां सुरक्षित बने रहेंगे। यह डेटा एक्सपोर्ट मुख्य रूप से Jules के भीतर सहेजी गई कॉन्फ़िगरेशन और कार्य इतिहास को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।