अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो महिलाओं सहित चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस वारदात के पीछे विदेश में छिपे एक गैंगस्टर के हाथ होने का गहरा शक है, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज द्वारा पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21) और सुमित (19) तथा उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा (23) और बबीता (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसके तार अंतरराष्ट्रीय अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं।
अदालत में पेशी और ट्रांजिट रिमांड
गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को शुरुआत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1)(b) के तहत अदालत के समक्ष पेश किया गया। इसके तुरंत बाद, महाराष्ट्र पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) ने आरोपियों से पूछताछ करने और उन्हें औपचारिक रूप से अपनी हिरासत में लेने के लिए अदालत से अनुमति मांगी।
न्यायालय ने सीआईडी की इस अर्जी को स्वीकार करते हुए सभी चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस की टीम को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया है। इस दौरान पुलिस इनसे पूछताछ कर साजिश की गहरी तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
गैंगस्टर अनिल पंडित से कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी कुणाल हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था। हरसाना गांव के एक परिचित के जरिए उसकी मुलाकात पानीपत के रहने वाले 32 वर्षीय गैंगस्टर अनिल पंडित से हुई थी। अनिल पंडित पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का कथित सहयोगी होने का आरोप है और सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि वह फिलहाल अमेरिका में छिपा हुआ है।
जेल से बाहर आने के बाद कुणाल एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से सीधे अनिल पंडित के संपर्क में आ गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पंडित के निर्देशों पर ही कुणाल और उसके साथी सुमित ने पंजाब के अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूसों का इंतजाम किया था।
साजिश में महिलाओं की भूमिका
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुणाल के संपर्क में आने के बाद उत्तर प्रदेश निवासी राधा के साथ उसके प्रेम संबंध बन गए थे। कुणाल ने अपनी आपराधिक गतिविधियों की जानकारी राधा को दी और उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार कर लिया।
तय योजना के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कुणाल ने राधा और उसकी साथी बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ा था। इस दौरान पिस्तौल को राधा के बैग में छिपाकर ले जाया गया। सफर के दौरान कुणाल लगातार एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए राधा के संपर्क में था और उसे अनिल पंडित से मिलने वाले निर्देश आगे बढ़ा रहा था।
मुंबई में वारदात और गिरफ्तारी
दोनों महिलाएं 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंचीं और दादर रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद एक स्थानीय होटल में ठहरीं। इसके अगले दिन सुबह करीब 11 बजे होटल के बाहर एक नाबालिग लड़के ने राधा से हथियार से भरा बैग ले लिया। इसके बाद 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई।
वारदात के बाद गैंगस्टर पंडित ने कुणाल को संदेश दिया कि हमलावर मुंबई में फंस गए हैं और उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने का इंतजाम किया जाए। इसके बाद राधा और बबीता 18 अक्टूबर को ही दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। मंगलवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से धर दबोचा, जबकि उनके दो अन्य साथियों कुणाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की संलिप्तता की पुष्टि के लिए पुलिस आगे की गहन छानबीन कर रही है।