हॉलीवुड सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सिनेमा के सुनहरे दौर की आखिरी महान हस्तियों में से एक, दिग्गज अभिनेत्री एवा मैरी सेंट (Eva Marie Saint) अब हमारे बीच नहीं रहीं। अपनी कला और अद्वितीय सुंदरता से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली इस महान अभिनेत्री ने 102 वर्ष की आयु में लॉस एंजिल्स स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि परिवार के प्रतिनिधि जेफ सैंडरसन ने की है। एवा मैरी सेंट का जाना हॉलीवुड के एक पूरे युग का अंत माना जा रहा है, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से तहलका मचा दिया था।
पहली ही फिल्म से रचा था इतिहास, जीता था ऑस्कर
एवा मैरी सेंट का हॉलीवुड करियर किसी परीकथा जैसा था, जिसकी शुरुआत ही रिकॉर्डतोड़ सफलता के साथ हुई थी। साल 1954 में रिलीज हुई क्लासिक फिल्म 'ऑन द वाटरफ्रंट' (On the Waterfront) में उन्होंने मार्लन ब्रैंडो के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में उनके शानदार अभिनय ने आलोचकों को भी हैरान कर दिया था। अपनी पहली ही फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया, जो हॉलीवुड इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।
जब वे अपना ऑस्कर लेने स्टेज पर पहुंची थीं, तब वे अपने पहले बच्चे से गर्भवती थीं। फ्रैंक सिनात्रा के हाथों ऑस्कर पुरस्कार स्वीकार करते हुए उन्होंने बेहद मासूमियत और मजाकिया अंदाज में कहा था, "मुझे लगता है कि मेरा बच्चा यहीं स्टेज पर ही पैदा हो सकता है।" उनके इस बयान पर पूरा हॉल गूंज उठा था। संयोग देखिए, इसके ठीक दो दिन बाद उनके बेटे डारेल का जन्म हुआ था।
गजब की स्वतंत्र सोच और स्टूडियो कॉन्ट्रैक्ट्स को ठुकराना
आम तौर पर हॉलीवुड में जब कोई कलाकार पहली फिल्म से इतनी बड़ी सफलता हासिल कर लेता है, तो वह बड़े स्टूडियो के जाल में फंस जाता है। लेकिन एवा मैरी सेंट ने रूढ़ियों को तोड़ते हुए अपनी एक अलग और मजबूत राह चुनी। उन्होंने बड़े-बड़े स्टूडियो कॉन्ट्रैक्ट्स के प्रस्तावों को ठुकरा दिया और साफ कह दिया कि वे अपने नवजात बेटे की परवरिश को प्राथमिकता देंगी।
अपने करियर के पहले दशक में उन्होंने सिर्फ सात फिल्मों में काम किया। उन्होंने ग्रेगरी पेक, लॉरेंस हार्वे और बर्ट लैंकेस्टर जैसे दिग्गजों की फिल्मों के बड़े ऑफर्स को भी हंसते-हंसते मना कर दिया। उनकी यह जिद और अपने परिवार के प्रति समर्पण इस बात का प्रमाण था कि वे केवल शोहरत के पीछे नहीं भागती थीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जीवन जीना पसंद करती थीं।
अल्फ्रेड हिचकोक की 'नॉर्थ बाय नॉर्थवेस्ट' और ऐतिहासिक सफलता
एवा मैरी सेंट के करियर में एक बड़ा मोड़ तब आया जब महान निर्देशक अल्फ्रेड हिचकोक ने उन्हें अपनी थ्रिलर फिल्म 'नॉर्थ बाय नॉर्थवेस्ट' (North by Northwest, 1959) के लिए अप्रोच किया। इस फिल्म में उन्होंने Cary Grant के विपरीत एक जासूस की भूमिका निभाई थी। हालांकि, शुरुआती दौर में वे इस प्रोजेक्ट को लेकर असमंजस में थीं।
एवा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनके पति और जाने-माने टीवी-स्टेज डायरेक्टर जेफरी हेडन ने उन्हें समझाया था, "हनी, मुझे लगता है कि तुम्हें बच्चों की चिंता छोड़े बिना इस स्क्रिप्ट को दोबारा पढ़ना चाहिए और गहराई से सोचना चाहिए।" पति की सलाह पर उन्होंने फिल्म साइन की और यह फिल्म सिनेमा इतिहास की सबसे बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर्स में शुमार हुई।
टेलीविजन की दुनिया में भी बिखेरा जादू और जीता एमी अवार्ड
न सिर्फ फिल्मों में, बल्कि टेलीविजन के क्षेत्र में भी एवा मैरी सेंट ने अपनी अमिट छाप छोड़ी। 1970 और 1980 के दशक में उन्होंने छोटे पर्दे पर शानदार वापसी की। सिटकॉम 'मूनलाइटिंग' में साइबिल शेफर्ड की मां की भूमिका हो या फिर टॉम हैंक्स की फिल्म 'नथिंग इन कॉमन' (Nothing in Common) में उनकी मां का किरदार, दर्शकों ने उन्हें हर रूप में सराहा।
उनकी वर्सटाइल एक्टिंग का ही नतीजा था कि उन्हें 1990 की चर्चित मिनसीरीज 'पीपल लाइक अस' के लिए प्रतिष्ठित 'एमी अवार्ड' (Emmy Award) से सम्मानित किया गया। उनकी अभिनय क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे 21वीं सदी में भी सक्रिय रहीं। उन्होंने 'बिकॉज ऑफ विन-डिक्सी', 'सुपरमैन रिटर्न्स' और मार्क हेल्प्रिन के उपन्यास पर आधारित फिल्म 'विंटर्स टेल' जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। साल 2021 में भी उन्होंने एक ऑडियो प्ले में अपनी आवाज का जादू बिखेरा था।
परिवार और निजी जीवन
एवा मैरी सेंट का निजी जीवन भी उतना ही स्थिर और प्रेरणादायक रहा जितना उनका पेशेवर जीवन। उन्होंने निर्देशक जेफरी हेडन से शादी की थी और दोनों का यह रिश्ता पूरे 65 वर्षों तक अटूट रहा, जो साल 2016 में हेडन के निधन के बाद ही समाप्त हुआ।
उनका जन्म 4 जुलाई 1924 को न्यू जर्सी के नेवार्क में हुआ था। शुरुआत में उनका सपना अपनी मां की तरह तीसरी कक्षा की शिक्षिका बनने का था, लेकिन ओहायो के बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने एक नाटक में हिस्सा लिया और मुख्य भूमिका हासिल की। यहीं से उनके अंदर छिपी अभिनय की असली प्रतिभा बाहर आई और उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मेथड एक्टिंग और ली स्ट्रासबर्ग का प्रभाव
एवा मैरी सेंट की एक्टिंग में जो गहराई नजर आती थी, उसके पीछे उनके कड़े अभ्यास और प्रतिष्ठित 'एक्टर्स स्टूडियो' का बड़ा हाथ था। निर्देशक एलिया काजान के सामने ऑडिशन देने के बाद उनका चयन इस स्टूडियो में हुआ था। उन्होंने महान एक्टिंग कोच ली स्ट्रासबर्ग के मार्गदर्शन में अभिनय की बारीकियाँ सीखीं। उन्होंने एक बार बताया था कि कैसे स्ट्रासबर्ग ने उनकी झिझक को दूर किया और उन्हें अपने साथियों के सामने खुलकर अपने जज्बात बयां करना सिखाया।
एक युग का अवसान
एवा मैरी सेंट का जाना केवल एक हॉलीवुड अभिनेत्री की विदाई नहीं है, बल्कि उस स्वर्णिम युग के आखिरी स्तंभ का ढह जाना है जिसने दुनिया को सिनेमा देखने का एक नया नजरिया दिया। उनकी सादगी, बेबाक अंदाज और अभिनय के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। सोशल मीडिया और सिनेमा जगत से जुड़े तमाम दिग्गज उन्हें अपनी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।